हरिद्वार

पतंजलि योग पीठ के बढ़ते कदम अब पतंजलि गुरुकुलम चार चांद लगाएगी शिक्षा के क्षेत्र में

गगन शर्मा हरिद्वार जिला संवाददाता


हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अत्याधुनिक संयन्त्रो से युक्त औद्योगिक इकाई है। इस औद्योगिक इकाई को शुद्ध, गुणवत्तायुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से विकसित खनिज एवं वनस्पतिक उत्पादों के निर्माण हेतु स्थापित किया गया है। आयुर्वेद को विज्ञान सम्मत रूप से स्थापित करने के उद्देश्यों के साथ अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और प्राचीन ज्ञान के समन्वय से पूज्य योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज की प्रेरणा से पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2006 में की। उक्त इकाई को अत्याधुनिक सेवाओं एवं संसाधनों हेतु आयएसओ 9001, आयएसओ 1800, डब्ल्यूएचओ, जीएमपी, जीएलपी आदी प्रमाण पत्र प्राप्त हैं। अब पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष स्वामी रामदेव ने गुरुकुल महाविद्यालय की बागडोर संभाल लिया और अब उस एक स्थल को शिक्षा का मुख्य केंद्र बनाने की दिशा में स्वामी रामदेव कार्य कर रहे हैं जिसका उद्घाटन लोकार्पण भूमि पूजन केंद्रीय ऐतिहासिक पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क व भारत में योग क्रान्ति के बाद कृषि क्रान्ति के उद्देश्य से हरिद्वार जिले के पदार्था ग्राम में भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहयोग से योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज की प्रेरणा से व आचार्य बालकृष्ण जी महाराज के निर्देशन में विश्व के सबसे बड़े फूड एवं हर्बल पार्क का निर्माण कराया गया है। 500 L एलएलपी करोड़ रुपए की लागत वाली इस इकाई के लिए कच्‍चा माल पतंजलि की जैविक खेती विधि से ही प्राप्‍त होता है, इसके अलावा बाबा रामदेव ने इसके लिए कुछ गांवों में किसानों को जैविक तरीके से खेती करने की प्रणाली सिखाने का कार्य किया है। 15000 से अधिक लोग प्रत्‍यक्ष-अप्रत्‍यक्ष तौर पर इस उत्‍पादन इकाई से रोजगार प्राप्‍त कर रहे हैं।

किशनगढ घासेडा में आधुनिक एवं प्राच्य विषय की शिक्षा के साथ विशाल गुरुकुल का संचालन, जहाँ देश-विदेश के छात्रों का गुरुकुलीय वातावरण में सर्वांगीण विकास हो रहा है।
पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट, स्वामी रामदेव द्वारा शुरू किया एक गैर-लाभकारी संगठन है। जिसका मुख्य लक्ष्य स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

असम में पतंजलि का पंचगव्य अनुसंधान केंद्र
पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट जल्द ही असम के चिरांग जिले में पतंजलि पंचगव्य अनुसंधान केंद्र बनाने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में स्वामी रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने इसका उद्घाटन किया।इस अनुसंधान केंद्र विलुप्त हो रहीं स्वदेशी गायों और विषमुक्त कृषि उत्पादन के क्षेत्र रिसर्च किया जाएगा। स्वदेशी नस्ल की गायों और उनके दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र पर गहन अनुसंधान किया जाएगा। योग ग्राम स्वास्थ्य लाभ का प्राकृतिक सौंदर्य युक्त प्रमुख केंद्र योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के कुशल नेतृत्व में हरिद्वार के रोशनाबाद क्षेत्र से आगे औरंगाबाद क्षेत्र में पतंजलि योग ग्राम सफलतापूर्वक चल रहा है जहां पर प्राकृतिक सौंदर्य के बीच रोगियों को निरोगी बनाया जाता है यह केंद्र विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय और सबसे विस्तृत केंद्र है। स्वामी रामदेव रोजाना यहां पर रोगियों को योगाभ्यास कराते हैं और उन्हें मानसिक रूप से फिट करने के लिए उनके प्रवचन बहुत लाभकारी साबित होते हैं और आयुर्वेद पद्धति से आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में रोगी निरोग बनाकर अपना जीवन आनंदपूर्वक व्यतीत करते हैं।

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