हरिद्वार

महंगाई की मार: स्कूलों ने 50 फीसदी तक बढ़ाया प्रवेश शुल्क, अभिभावकों ने जताया विरोध

संजय चौहान समाचार सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(संजय चौहान) हरिद्वार। हरिद्वार में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होते निजी स्कूलों ने एडमिशन फीस में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। पिछले सत्र तक केवल ट्यूशन फीस ली जा रही थी, लेकिन अब बस के अतिरिक्त वार्षिक फीस के नाम पर भी अभिभावकों से अच्छी-खासी रकम निजी स्कूल संचालक वसूल रहे हैं। अभिभावकों ने इसका विरोध किया है। डीएवी स्कूल में सातवीं क्लास के बच्चे से वार्षिक फीस के नाम साढ़े आठ हजार से अधिक की रकम वसूली जा रही है। प्रवेश शुल्क के नाम पर न्यूनतम 10 हजार रुपये के अधिक की रकम वसूली जा रही है। पहले यह पांच हजार के करीब था। बस के किराए में भी निजी स्कूलों ने दो सौ रुपये प्रति छात्र के हिसाब से बढ़ोतरी कर दी है। अभिभावक आशुतोष का कहना है कि वार्षिक फीस के नाम पर निजी स्कूल को हजारों रुपये देने पड़ रहे हैं। महिला शिवांगी का कहना है कि अभिभावकों को पता है कि निजी स्कूल उनका दोहन कर रहा है, लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए कुछ नहीं कर सकते। अभिभावक नरेंद्र सिंह, अनुराग शर्मा का कहना है इस विषय पर सरकार को कोई ठोस पहल करनी चाहिए। अभिभावक सीमा ने बताया कि उसकी बेटी की टयू्शन फीस पहले 31 सौ के करीब जाती थी जो कि अब 32 सौ के पार पहुंच गयी है। बस का किराया भी 11 सौ से बढ़कर 13 सौ हो चुका है। सीमा का कहना है कि एक महीने की कुल फीस 45 सौ को पार कर चुकी है। महंगाई के इस दौर में इस प्रकार की बढ़ोतरी से अभिभावक मुश्किल में हैं।

अभिभावक संघर्ष समिति ने जताया विरोध

अभिभावक संघर्ष समिति के सदस्यों में दीपा, सोनी, गीता, नीमा, सुशीला, प्रियंका, दीपा, अरविंद कुमार, सोनू कुमार का कहना है कि निजी स्कूलों द्वारा एडमिशन और अलग-अलग मदों में अभिभावकों से फीस वसूलने के विरोध में समिति ने इसी माह शासन प्रशासन को ज्ञापन भेजकर विरोध जताया है। सरकार से लगातार निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की जा रही है। सदस्यों का कहना है कि पुन: एडमिशन के नाम पर उसी स्कूल में हजारों रुपये अभिभावकों से लिए जा रहे हैं। कोरोना काल में पूरी फीस वसूलने के बाद भी शिक्षकों को आधा ही वेतन दिया गया।

Related Articles

error: Content is protected !!