हरिद्वार

हरिद्वार के कुछ दरोगा उच्च अधिकारियों को गुमराह कर हो रहे सम्मानित

कई बार विवादों से घिरे पुलिस कर्मी उच्च अधिकारियों को गुमराह कर लूट रहे झूठी वाहवाही

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(वेद प्रकाश चौहान/ऋषभ चौहान) हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार जनपद में कई पुलिसकर्मी अपने उच्च अधिकारियों को गुमराह कर झूठी वाह वाही लूटने में कामयाब हो रहे हैं। जबकि कई बार ऐसे पुलिस दरोगा विवादों से भी घिरे नजर आए हैं, ऐसे पुलिस दरोगा की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। यदि उच्च अधिकारी स्वयं उन चौकी प्रभारियों के क्षेत्र की जनता से रूबरू हो तो उन्हें वास्तविकता का पता स्वयं ही चल जाएगा। दरअसल कुछ एक सीधे-साधे आरोपियों को पकड़कर मुकदमा दर्ज कर अपने उच्च अधिकारियों को गुमराह करने में ऐसे पुलिसकर्मी वाह वाही लूटने का प्रयास करते हैं, जबकि ऐसे पुलिस कर्मियों की वास्तविकता कुछ और ही बयां करती है। कई बार ऐसे ही पुलिसकर्मी क्षेत्र की जनता से अवैध वसूली करते देखे गए हैं, करोड़ों रुपए की संपत्ति बनाने वाले ऐसे पुलिस कर्मियों की यदि जांच की जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। जिससे ऐसे पुलिस कर्मी सम्मानित होने की बजाय जेल की सलाखों में देखे जाएंगे, जबकि राज्य के पुलिस महानिदेशक ने राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अपराधियों के साथ-साथ आरोपित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी कार्यवाही की है। परंतु कुछ पुलिसकर्मी अपने उच्च अधिकारियों के करीबी होने के कारण वह गलत कार्य को छुपाने में कामयाब रहते हैं, वह कुछ छोटे-मोटे मुकदमे दर्ज कर झूठी वाहवाही लूटने में सफल हो रहे हैं एवं सराहनीय कार्यों के लिए सम्मान प्राप्त कर रहे हैं। जिससे ऐसे पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में कई बार बिना वजह जनता को डरा धमका कर वसूली करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे ही पुलिस कर्मियों के क्षेत्र में कई अवैध नशे के कारोबार व अवैध शराब के कारोबार धड़ल्ले से चल रहे हैं उनको पकड़ने में ऐसे पुलिसकर्मी आज तक कामयाब नहीं हुए, कई बार समाचार पत्रों के माध्यम से शराब माफियाओं के विरुद्ध खबर भी प्रकाशित की गई। उसके बावजूद ऐसे पुलिसकर्मी को बिल्कुल भी अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं हो रहा, क्योंकि उनको अपने कुछ उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त हो रहा है। जिससे वह बेखौफ अपनी वर्दी का सिर्फ दुरुपयोग कर रहे हैं ऐसे भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की वजह से ईमानदार व जिम्मेदार पुलिस कर्मी सम्मान प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं व इन्हीं पुलिस कर्मियों के कारण समस्त पुलिस की छवि भी धूमिल होती है। राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को ऐसे पुलिस कर्मियों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए। जिससे भविष्य में ऐसे पुलिसकर्मी अपने उच्च अधिकारियों को गुमराह कर जनता के बीच पुलिस की छवि को धूमिल करने का प्रयास ना कर पाए कई बार तो ऐसे पुलिसकर्मी आए हुए फरियादियों से भी बदसलूकी करते देखे गए हैं, व उनकी तहरीर तक नहीं लेते हैं। थाने चौकी में आए महिला व बुजुर्गों तक से गलत व्यवहार करते हुए देखे जाते हैं व थाने चौकी में ही गुटखा पान मसाला खाकर दीवारों पर थूकने में भी नहीं चूकते, जबकि कई पुलिसकर्मी स्वयं जनता की बात को सुनकर उनको न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं वह वास्तव में सम्मान के पात्र हैं।

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