देहरादून

ट्रांसपोर्ट बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले अन्तर्राज्जीय गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार

रजत चौहान प्रधान सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) देहरादून/रानीपोखरी। ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट बुकिंग के नाम पर लोगो से ठगे पैसों को ऑनलाइन किसी सीएससी सेंटर और दुकानमालिक के खाते में ट्रांसफर करवा उसके बदले उनसे नगद प्राप्त कर गायब हो जाने वाले एक अन्तर्राज्जीय गिरोह के 06 सदस्यों को रानीपोखरी पुलिस ने कल शाम थानों रोड,भोगपुर से गिरफ्तार किया है। विजय भट्ट निवासी रानीपोखरी द्वारा 12 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया था कि बीती 24 दिसंबर को उनके सीएससी सेंटर में आये दो व्यक्ति द्वारा उनके खाते में 50 हज़ार रुपये डलवाते हुए उनसे 49 हज़ार 5000 नकद लिए थे। जिसके कुछ दिनों बाद जब वह अपने खाते से पैसे निकालने बैंक गया तो पता चला कि उनका खाता होल्ड हो रखा है, बैंक द्वारा दिये मोबाइल नंबर पर बात करने पर सामने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसका ज्योति रोडलाइंस के नाम से गाजियाबाद में ट्रांसपोर्ट का काम है, हमारी कुछ मशीनें रोहतक हरियाणा से गोरखपुर आनी थी, जिसके लिए उनके द्वारा ऑनलाइन ट्रांसपोर्टर से बात करने पर उसके द्वारा उनसे फर्जी रूप से 50 हज़ार ले लिए। उस व्यक्ति द्वारा किसी भी ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था न किये जाने पर उन्हें ठगी होने की जानकारी हुई तो उन्होंने जिस खाते में पैसे भेजे थे वह फ्रीज करवा दिया। थानाध्यक्ष रानीपोखरी द्वारा मामले की विवेचना उपनिरीक्षक रघुवीर कपरवान के सुपुर्द की गयी थी और थानाध्यक्ष रानीपोखरी शिशुपाल राणा द्वारा स्वयं 2 थाना स्तरीय टीम का गठन करते हुए घटनास्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी चेक करने पर घटनास्थल पर 4-5 संदिग्ध व्यक्तियो का एक नीले कलर के दिल्ली नंबर की कार मे आना-जाना प्रकाश में आया। संदिग्धों के विषय मे जानकारी करने को पुलिस द्वारा मुखबिरी तंत्रों को सक्रिय करने के साथ ही सर्विलांस के माध्यम से अभियुक्तों के मियांवाला के आसपास रुके होने की जानकारी अर्जित की। इस दौरान एक पुलिस टीम द्वारा स्मार्ट सिटी कार्यालय से अभियुक्तों के वाहन के रूट की जानकारी प्राप्त करते हुए उक्त वाहन का ज्यादातर थानों रायपुर रोड एवं हर्रावाला डोईवाला के बीच में ही चलने की जानकारी हुई। जिस पर पुलिस टीमों द्वारा थानों रायपुर रोड एवं डोईवाला हर्रावाला रोड पर निगरानी व चेकिंग अभियान चलाते हुए कल प्राप्त एक मुखबिरी सूचना पर शाम साढ़े सात बजे थानों रोड स्थित भोगपुर से नीले रंग की एर्टिगा संख्या डीएल 10 सी एस 7534 में सवार 1-सत्यम सिंह (26) पुत्र दीप सिंह रजावत निवासी ग्राम कैलोर थाना माधोगढ़ जिला जालौन, उत्तर प्रदेश, 2-ऋषिराज सिंह उर्फ गौरव (20) पुत्र रामप्रकाश सिंह चौहान निवासी ग्राम सहन थाना कुर्रा जिला मैनपुरी, उत्तर प्रदेश, 3-राहुल सिंह (25) पुत्र राकेश सिंह निवासी ग्राम मजगांव थाना मजगांव जिला हमीरपुर, उत्तर प्रदेश, 4-रितिक चौहान (20) पुत्र अशोक चौहान निवासी अग्रवाल मोहल्ला कोतवाली मैनपुरी उत्तर प्रदेश, 5-अंकित प्रताप सिंह (25) पुत्र सुपेंद्र सिंह निवासी हरोली थाना माधोगढ़ जिला जालौन उत्तर प्रदेश, 6-कृष्णेन्द्र प्रताप सिंह (27) पुत्र कमोद प्रताप सिंह निवासी माधोगढ़ जिला जालौन उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने अभियुक्तों के पास से 12 मोबाइल फोन, एक डोंगल, 9 अलग अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, अनक्टिवटेड 15 एयरटेल कंपनी के नए सिम बरामद किए। आरोपी सत्यम के अनुसार उसके द्वारा छः माह पूर्व हर्रावाला के विंडलास में एक फ्लैट किराए पर लिया था जिसमे उसका एक अन्य साथी भी उसके साथ रहता था। उन दोनों के अपने कुछ मोबाइल नंबर फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से नेट पर अपलोड किए गए थे। ऑनलाइन या जस्ट डायल मोबाइल ऐप के माध्यम से जो लोग ट्रांसपोर्ट बुकिंग के लिए उन्हें संर्पक करता तो वह उन्हें फर्जी रूप से बिल्टी और ट्रक की फोटो भेज कर एडवांस में पैसा जमा करा देते हैं। और पैसे लेने के बाद सिम तोड़ देते थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा वह सभी सिम अलग अलग जगह से खरीदकर अपने पहचान वालो से एक्टिवेट करवाये जाते थे और काम होने के बाद तोड़ देते। लोगो से ठगे पैसों को उनके द्वारा यूनियन बैंक में खोले गए फर्जी खाते में डाला जाता और उन पैसों को यूनियन बैंक एप्प के माध्यम से किसी सीएससी सेंटर या दुकान वाले के खाते में ट्रांसफर कर उससे नगद प्राप्त कर लेते थे या एटीएम से निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार अभियुक्तगणों द्वारा अभी तक फरीदाबाद से 47 हज़ार, अहमदाबाद से 60 हज़ार तथा झारखंड से 1 लाख 25 हज़ार रुपये ठगे गए है। अन्तर्राज्जीय गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पुलिस कप्तान देहरादून द्वारा दस हज़ार ईनाम देने की घोषणा की गयी है।

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