लक्सर में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई वन आरक्षी, निलंबित, विभाग में हड़कंप
फिरोज अहमद समाचार सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर वन रेंज के भोगपुर दक्षिणी बीट क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन के मामले में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए वन आरक्षी वैभव सिंघल को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में उनके कार्यक्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने और उसे रोकने में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) ने बुधवार को निलंबन के आदेश जारी किए। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच में सामने आया कि भोगपुर दक्षिणी बीट के विभिन्न स्थानों पर करीब 328.304 घनमीटर अवैध खनन किया गया। आरोप है कि क्षेत्र में तैनात वन आरक्षी वैभव सिंघल ने इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते खनन माफिया बेखौफ होकर इलाके में सक्रिय रहे। सूत्रों के अनुसार विभाग को लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर कराई गई जांच में वन आरक्षी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएफओ की संस्तुति के बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। डीएफओ स्वपलिन अनिरुद्ध ने बताया कि भोगपुर दक्षिणी बीट में अवैध खनन के मामले को विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि जांच में संबंधित वन आरक्षी द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने की पुष्टि हुई है। अवैध खनन को रोकने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जो उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली 2002 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी आधार पर अनुशासन एवं अपील नियमावली 2003 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वैभव सिंघल का मुख्यालय उप वन प्रभाग कार्यालय रुड़की निर्धारित किया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की गहन विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध खनन के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। लक्सर रेंज अधिकारी महेंद्र गिरी ने बताया कि 28 जनवरी 2026 को वन आरक्षी वैभव सिंघल से अवैध खनन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बावजूद क्षेत्र में खनन गतिविधियां जारी रहीं। जांच में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है। इसके साथ ही पट्टा धारक नंदकिशोर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।









