
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(चिराग कुमार) हरिद्वार। स्थानीय एसएमजेएन पीजी कॉलेज में आज 77वाँ गणतंत्र दिवस समारोह अत्यंत धूमधाम और देशभक्तिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) सुनील कुमार बत्रा द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात प्रो. बत्रा ने प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा प्रोफ़ेसर वी एन खाली का संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर बल दिया गया।
समारोह का विशेष आकर्षण देहरादून में आयोजित ‘मुख्यमंत्री चैंपियन ट्रॉफी 2025 खेल कुंभ’ के विजेता खिलाड़ियों का सम्मान रहा। हरिद्वार जिले का नाम रोशन करते हुए तीरंदाजी प्रतियोगिता में कुल 36 पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्राचार्य प्रो. बत्रा ने पदक एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
ओलंपिक का लक्ष्य और कोचों का मार्गदर्शन:
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रो. बत्रा ने बताया कि कॉलेज में तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए कोच रमेश प्रसाद एवं कुलदीप चौहान निरंतर कड़ा प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कोचों को बधाई देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य इन खिलाड़ियों को एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
सम्मानित खिलाड़ी:
आज सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों में नंदिनी राणा, जीविका चौहान, अगस्तय शर्मा, जन्मजय चौहान, युवराज चौहान, वर्णिका, पावनी, दिया, अनिरुद्ध बिष्ट, आराध्या, अभिनव, सक्षम, श्रेयांश, मनन चौहान, इशिता, यश चौधरी, मानवी, ज्वाला, यश, धैर्य और आत्मिका शामिल रहे, जिन्होंने अंडर-14 और अंडर-19 टीम में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मीडिया प्रभारी श्रीमती कंचन तनेजा ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर ये खिलाड़ी निश्चित ही उत्तराखंड राज्य का गौरव बढ़ाएंगे।
इस अवसर पर डॉ. मनमोहन गुप्ता, प्रो. जे.सी. आर्य, डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. पद्मावती तनेजा, डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. लता शर्मा, डॉ. आशा शर्मा, डॉ. विजय शर्मा, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, डॉ. पल्लवी, विनीत सक्सेना, डॉ. मनोज सोही, वैभव बत्रा, पंकज भट्ट, मोहन चंद्र पांडेय, डॉ. सुगंधा वर्मा, डॉ. आराधना सक्सेना, निविन्धया शर्मा सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, एन.एस.एस. स्वयंसेवी एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।









