2025 में उत्तराखण्ड एसटीएफ का बड़ा प्रहार, गैंगस्टर, ड्रग माफिया और साइबर अपराधी तक शिकंजा
18 इनामी अपराधी गिरफ्तार, 54 ड्रग तस्कर दबोचे, 22.86 करोड़ की ड्रग्स जब्त

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश कुमार) देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने अपराधियों पर शिकंजा करते हुए 2025 साल की बड़ी कार्यवाही करते हुए अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा है। पुलिस द्वारा गैंगस्टर, ड्रग माफिया, साइबर अपराधी सहित 22.86 करोड़ की ड्रग्स भी जब्त की है। वहीं जानकारी देते हुए नीलेश आनन्द भरणे पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड ने सोमवार को एसटीएफ कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 01 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि में उत्तराखण्ड STF द्वारा संगठित अपराध, इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, शस्त्र एवं नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली दवाइयों के अवैध कारोबार, साइबर अपराध, वन्यजीव तस्करी तथा अन्य गंभीर अपराधों के विरुद्ध निरंतर एवं प्रभावी कार्यवाहियाँ की गई हैं। इन अभियानों का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा है।
अवैध हथियारों की तस्करी पर शिकंजा, वाल्मीकि गैंग और चीनू पंडित गैंग पर भी कार्रवाई
उत्तराखंड एसटीएफ में 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक हथियारों की तस्करी करने वाले अपराधियों के साथ-साथ उत्तराखंड में डर का माहौल बनाने वाले चीनू पंडित गैंग और बाल्मीकि गैंग पर भी बड़ी कार्रवाई की है जिसमें तीन अभियुक्त हरिद्वार से गिरफ्तारी को की गई है इसके साथ ही उत्तराखंड एसटीएफ ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले 9 उपयुक्त को भी गिरफ्तार किया है जिनके पास से 20 पिस्टल, दो देसी तमंचे, 24 मैगजीन और 63 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
नकली दवाई का कारोबार करने वाले 12 अपराधी गिरफ्तार
उत्तराखंड एसटीएफ में अन्य अपराधों के साथ-साथ नकली दवाई का प्रदेश में कारोबार करने वाले अपराधी यो पर भी कड़ी कार्रवाई की है जिसमें एसटीएफ में स्थानीय स्थान के साथ मिलकर 12 अपराधियों को गिरफ्तार किया है जबकि सेलाकुई क्षेत्र में 6 अवैध रूप से चल रही फैक्ट्री को सीज किया है। जबकि कारोबार से अपराधियों द्वारा बनाई गई 14 करोड़ की संपत्ति को भी जप्त किया गया है।
NDPS केस में भी लगातार चला अभियान, 22 करोड़ 86 लाख की ड्रग्स बरामद
पिछले 1 साल में उत्तराखंड एसटीएफ ने प्रदेश के अलग-अलग थानों के साथ मिलकर एक अभियान के तहत एनडीपीएस एक्ट में बड़ी कार्रवाई की है जिसमें 34 केस पर काम करते हुए 54 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। वहीं एनडीपीएस एक्ट में हुई इस कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने 22 करोड़ 86 लाख 27 हजार 900 रुपए की 17 किलो 516 ग्राम चरस 14 किलो 465 ग्राम अफीम 3 किलो 763 ग्राम हीरोइन 434 किलो 748 ग्राम गांजा और 7.6 ग्राम सिंथेटिक ड्रग्स बरामद किया गया है। इसके साथ ही सेंट अपने पति एनडीपीएस के अंतर्गत 31 अभियुक्तों पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा है जिसमें से दो मामलों में कार्रवाई के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
साइबर अपराधियों और वन्यजीव अंग तस्करी पर भी एसटीएफ ने की कार्रवाई
उत्तराखंड में बढ़ती वन्य जीव अंगों की तस्करी और साइबर अपराध पर भी एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए प्रदेश के अलग-अलग थानों से छह अभिक्तों की गिरफ्तारी की है जिनके पास से पांच भालू की पित्त, पांच नाखून और एक हाथी दांत बरामद किया है इसके साथ ही सेंट अपने साइबर अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए 9 साइबर अपराधियों को दूसरे राज्यों से गिरफ्तार किया है जिनके पास से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और नगदी भी बरामद की गई है।
बांग्लादेशियों की गिरफ़्तारी के साथ अन्य अपराधियों की भी गिरफ्तारी
इसके अलावा उत्तराखंड एसटीएफ ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा में हाकम सिंह और पंकज गोद की गिरफ्तारी के साथ पटेल नगर थाना क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे पांच बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है जबकि एसटीएफ ने महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर एक सजा ऑपरेशन में अंतर्राष्ट्रीय अवैध हथियार तस्करी करने वाले एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया है इसके अलावा सेंट अपने प्रेम नगर थाना क्षेत्र में रिसोर्ट में चल रहे अवैध कसीनो पर कार्रवाई करते हुए ना अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया जबकि धाम वाला बाजार से आईटीसी कंपनी की नकली सिगरेट बनाने का भी भंडाफोड़ किया था।
वहीं दीपम सेठ पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड ने एसटीएफ की कार्यवाहियों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2025 के दौरान संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े अपराधों के विरुद्ध की गई यह सख्त कार्यवाही राज्य पुलिस की पेशेवर दक्षता, अंतर-राज्यीय समन्वय एवं प्रतिबद्ध नेतृत्व का परिणाम है। भविष्य में भी राज्य पुलिस द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसे अभियानों को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाएगा।









