लक्सर

प्रीतम सिंह पहुंचे लक्सर के बसेड़ी गांव, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर बोला तीखा हमला

फिरोज अहमद जिला ग्रामीण प्रभारी


हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। चकराता से कांग्रेस विधायक व पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह मंगल को लक्सर विधानसभा के बसेड़ी गांव पहुंचे। जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप चौधरी के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के हालात आज बद से बदतर हो चुके हैं। चाहे किसानों की समस्याएं हों या प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी का मामला, सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और इन नौ वर्षों में सत्ता में बैठे लोगों ने उत्तराखंड में अव्यवस्था फैलाने का ही काम किया है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
महिला अपराधों को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिमालयन राज्यों में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में उत्तराखंड आज पहले स्थान पर है। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों में सबसे अधिक संलिप्तता भाजपा से जुड़े नेताओं की रही है, जो सरकार की नीयत और कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि यह जघन्य अपराध वर्ष 2022 में हुआ था। तभी से अंकिता के माता-पिता प्रदेश की जनता और कांग्रेस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही है। अंकिता के माता-पिता न्यायालय तक गए, लेकिन उन्हें वहां से भी अपेक्षित संरक्षण नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में एक महिला द्वारा ऑडियो और वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन हुआ, जिसमें आम जनता, अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान पर भी सवाल खड़े किए। प्रीतम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह अंकिता के माता-पिता से मिलकर उनकी इच्छा के अनुसार जांच कराएंगे, लेकिन सवाल यह है कि वर्ष 2022 से 2025 तक सरकार क्या करती रही। यदि सरकार गंभीर थी तो पहले ही सीबीआई जांच की संस्तुति क्यों नहीं की गई। अब यह देखना होगा कि सरकार ने जांच की संस्तुति वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में की है या नहीं। वही काशीपुर में पीड़ित किसान सुखवंत सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में भी प्रीतम सिंह ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि किसान की आत्महत्या पूरे उत्तराखंड के लिए एक कलंक है। पीड़ित किसान लंबे समय तक पुलिस के चक्कर काटता रहा और आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में उसने पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन इसके बावजूद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में भी प्रदेश सरकार पूरी तरह असफल नजर आई। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नेता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button