वैज्ञानिक सर्वे और लोकज्ञान से जल स्रोतों को मिलेगा नया जीवन: डीएम
राजेश पसरीचा देहरादून प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) बागेश्वर। जनपद के प्राचीन नौलों, धारों एवं नदियों के संरक्षण-संवर्धन, भू-जल स्तर में सुधार तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्प्रिंग एवं रिवर रीजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने भागीरथ ऐप पर चिन्हित क्रिटिकल जल स्रोतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी पुनरुद्धार के निर्देश दिए। साथ ही गरुड़ गंगा नदी के पुनर्जीवन हेतु विस्तृत और व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विस्तृत सर्वे अत्यंत आवश्यक है, जिसमें आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के साथ-साथ स्थानीय बुजुर्गों और अनुभवी व्यक्तियों के ज्ञान व अनुभव को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि जल स्रोतों की वास्तविक स्थिति का सटीक विश्लेषण हो सके और योजनाएं अधिक प्रभावी बनें।
उन्होंने SARRA से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 15 दिनों के भीतर गरुड़ गंगा सहित अन्य महत्वपूर्ण जल स्रोतों के संरक्षण से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं।
योजना के अंतर्गत कम जलधारा वाले स्रोतों को चिन्हित कर उनके पुनर्जीवन के लिए व्यापक पौधरोपण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग (जल संचयन) एवं अन्य वैज्ञानिक उपाय अपनाए जाएंगे, जिससे भविष्य में पेयजल संकट से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अभिषेक मेहरा, सी.एफ.ओ दीपक भट्ट, जीआईएस विशेषज्ञ उमेश बिष्ट, रविंद्र सिंह मलड़ा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











