हरिद्वार

लोक कल्याण और आधुनिकता का संतुलित महासेतु है बजट: प्रो० सुनील कुमार बत्रा

अक्षय कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अक्षय कुमार) हरिद्वार। शिक्षाविद एवं एसएमजेएन कालेज के प्राचार्य प्रो.सुनील कुमार बत्रा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को लोक कल्याण और आधुनिकता का संतुलित महासेतु बताया है। प्रो.सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि बजट केवल वित्तीय लेन-देन का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि यह बदलते भारत की आकांक्षाओं और वैश्विक चुनौतियों के बीच एक सशक्त आर्थिक कवच है। बजट में भविष्य के भारत की तीन स्पष्ट धाराएं शैक्षिक क्रांति, सामाजिक सुरक्षा और ढांचागत सुदृढ़ीकरण दिखाई देती हैं। प्रो.बत्रा ने कहा कि बजट में 50,000 नई अटल टिंकरिंग लैब्स की घोषणा यह दर्शाती है कि सरकार अब केवल डिग्री देने वाली शिक्षा के बजाय स्किल-आधारित और रिसर्च-ओरिएंटेड शिक्षा की ओर बढ़ रही है। 10,000 नई मेडिकल सीटों का सृजन स्वास्थ्य शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कदम न केवल प्रतिभा पलायन को रोकेगा, बल्कि मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए डाक्टर बनने के सपने को वहनीय बनाएगा। बजट ने मध्यम वर्ग को वह ऑक्सीजन दी है, जिसकी उसे लंबे समय से प्रतीक्षा थी। नई कर व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय को प्रभावी रूप से कर-मुक्त करना उपभोग को बढ़ावा देने वाला कदम है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स कटौती की सीमा को दोगुना करना और गंभीर बीमारियों की 36 दवाइयों को सीमा शुल्क से मुक्त करना यह सिद्ध करता है कि सरकार वेलफेयर स्टेट की अपनी भूमिका को बखूबी समझती है। कुंभ जैसे विशाल समागम को देखते हुए लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के लिए बजट में प्रस्तावित 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास कुंभ जैसे आयोजनों के प्रबंधन को वैश्विक स्तर की सुगमता प्रदान करेगा। यह बुनियादी ढांचा न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ेगा। 10,000 करोड़ रुपये का डैड ग्रोथ फंड छोटे उद्यमियों के लिए सुरक्षा चक्र का काम करेगा। यह रोजगार सृजन की उस रीढ़ को मजबूत करेगा जो कोविड के बाद के झटकों से उभर रही है। प्रो. बत्रा ने कहा कि बजट में राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखते हुए विकास की गति को बनाए रखना एक कठिन चुनौती थी, जिसमें वित्त मंत्री काफी हद तक सफल रही हैं। हालांकि इसकी पूर्ण सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि डिजिटल एग्री-स्टैक और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का लाभ ग्रामीण अंचलों तक कितनी तेजी से पहुंचता है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर बजट ज्ञान, विज्ञान और जन-कल्याण का एक उत्कृष्ट दस्तावेज है, जो भारत को 2047 के संकल्पों की ओर मजबूती से ले जाने का सामर्थ्य रखता है।

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