पुलिस पर झूठे आरोप ओर छवि धूमिल करने पर मयंक त्यागी ने भेजा नोटिस, 7 दिन के भीतर संतोषजनक मांगा जवाब
नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्धार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। एडवोकेट मयंक त्यागी ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि उत्तराखंड जिले हरिद्वार में पुलिस की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगाने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार दिनांक 29 जनवरी 2026 को भरत पंजावनी पुत्र ज्ञानचंद निवासी फ्लैट नंबर 30, पंचायती अखाड़ा उदासीन छावनी कनखल, हरिद्वार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
हाथ में प्लास्टर लगाकर लगाए गए मारपीट के आरोप
भरत पंजावनी ने आरोप लगाया कि 27 जनवरी 2026 को रोडीबेल पुलिस चौकी हरिद्वार में पुलिस द्वारा उसके साथ मारपीट की गई और उसका हाथ तोड़ दिया गया। इसके समर्थन में उसने हाथ में प्लास्टर लगाकर सार्वजनिक रूप से बयान दिया।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली आरोपों की पोल
हालांकि, 28 जनवरी 2026 को नगर कोतवाली के सामने स्थित एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज में भरत पंजावनी पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में चलते-फिरते दिखाई दे रहा है। फुटेज में उसके हाथ में किसी भी प्रकार की चोट या प्लास्टर नहीं दिखता, जिससे पुलिस पर लगाए गए आरोप झूठे प्रतीत होते हैं।
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार का आरोप
एडवोकेट मयंक त्यागी ने बताया कि भरत पंजावनी ने पुलिस के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर समाज में पुलिस के प्रति नफरत फैलाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार करने का प्रयास किया जिससे पुलिस की छवि को नुकसान पहुँचे।
आपराधिक इतिहास भी आया सामने
जानकारी के अनुसार, भरत पंजावनी अपने साथियों के साथ मिलकर लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। हाल के दो महीनों के भीतर उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज है।
भरत पंजावनी द्वारा किए गए आपराधिक कृत्यों से संबंधित समस्त साक्ष्य सुरक्षित रूप से उपलब्ध होने की बात कही गई है। पुलिस के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर समाज में रोष पैदा करने की कोशिश को गंभीर माना जा रहा है।
कानूनी नोटिस भेजा गया, FIR की चेतावनी
पुलिस पर झूठे आरोप लगाने के संबंध में एडवोकेट मयंक त्यागी द्वारा मंगलवार को भरत पंजावनी को कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में 7 दिन के भीतर संतोषजनक जवाब मांगा गया है।
जवाब न मिलने पर होगी न्यायालय में कार्रवाई
यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो हरिद्वार न्यायालय में भरत पंजावनी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराए जाने की कार्रवाई की जाएगी।









