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हरिद्वार में ये क्या हो रहा? एक महीने में 34 मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग का छापा

23 दवा निर्माता फर्मो का किया गया निरीक्षण, एक FIR भी हुई दर्ज

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। नशीली दवाओं के खिलाफ उत्तराखंड जिले के हरिद्वार जनपद में औषधि विभाग ने निरीक्षण के चलते मेडिकल स्टोरों सहित कम्पनियों में बनने वाली दवाइयों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगरानी तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, ड्रग विभाग हरिद्वार जनपद की औषधि वरिष्ठ निरीक्षक अनीता भारती के औचक निरीक्षण की खबर सुनते ही मेडिकल संचालकों में हड़कंप मच जाता है। वहीं औषधि विभाग की कार्रवाई से एक माह (यानी) 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए दवा कारोबार में गड़बड़ियों का पर्दाफाश किया है।

औषधि विभाग रिपोर्ट के मुताबिक 23 दवा निर्माता फर्मो का निरिक्षण के साथ 34 मेडिकल विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया। वहीं 01 निंलबित लाईसेन्स पर भी औषधि विभाग ने कार्यवाही की है और 20 को कारण बताओं नोटिस भेजा गया। वहीं सबसे बड़ी कार्यवाही औषधि विभाग ने जनवरी माह में की जिसमें FIR दर्ज हुई है, साथ ही 20 निरीक्षण के दौरान दवाओं के नमूनों को भी लिया गया है।

वहीं रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक औषधि विभाग टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान 57 में से 23 दवा निर्माता फर्मो के साथ 34 मेडिकल स्टोरों की जांच की गई है।

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हरिद्वार औषधि विभाग वरिष्ठ निरीक्षक अनीता भारती ने हरिद्वार की गूंज समाचार पत्र, HKG न्यूज पोर्टल से खास बातचीत में बताया कि औषधि विभाग टीम में निरीक्षक मेघा, हरीश सिंह के साथ मिलकर लगातार हरिद्वार जनपद में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे मेडिकल संचालकों पर बड़ी कार्रवाई की है।

उन्होंने बताया कि जनवरी माह में 57 निरीक्षण किए गए जिसमें 23 निरीक्षण दवा निर्माता फॉर्म के साथ 34 मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग की टीम के साथ निरीक्षण किए गए है, जिसमें कई खामियां भी मिली है।

वहीं औषधि विभाग वरिष्ठ निरीक्षक अनीता भारती ने बताया कि मेडिकल स्टोरों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थापना व उनकी रिकॉर्डिंग की भी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान शहर में तो मेडिकल संचालको के द्वारा रजिस्टर का तो प्रयोग किया जा रहा है, पर कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में देखा गया है कि रजिस्टर का प्रयोग नहीं हो रहा है, जिसके चलते उन्होंने सभी विक्रेताओं से अपील की है कि निर्देशों का पालन करें।

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे औषधियाँ केवल पंजीकृत एवं लाइसेंसधारी थोक विक्रेताओं से ही क्रय करें तथा किसी भी औषधि की गुणवत्ता के संबंध में संदेह होने पर तत्काल औषधि प्रशासन को सूचित करें। साथ ही जनपद हरिद्वार में प्रवर्तन की सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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