चलती ट्रेनों में मोबाइल चोरी करने वाले शातिर गिरोह का भंडाफोड़, जीआरपी हरिद्वार की बड़ी कार्रवाई
नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर मोबाइल और पर्स चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में चोरी हुआ एप्पल मोबाइल फोन और एयरपॉड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी चलती ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल, लेडीज पर्स और जेंट्स पर्स चोरी कर लेते थे। इसके बाद मोबाइल अपने तीसरे साथी को दिया जाता था, जो उसका लॉक तोड़कर नया यूपीआई पिन सेट करता और फिर एटीएम व ऑनलाइन माध्यम से पैसे निकाल लिए जाते थे। चोरी किए गए मोबाइल सस्ते दामों में बेच दिए जाते थे। मामला 25 जनवरी 2026 का है, जब हेमकुंड एक्सप्रेस के एस-9 कोच में सफर कर रहे गुजरात निवासी यात्री पीयूष चंद्रकांत मोदी की पत्नी का पर्स हरिद्वार स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद चोरी हो गया। पर्स में दो मोबाइल फोन, एयरपॉड, नकदी और जरूरी दस्तावेज थे। मामले में दर्ज शिकायत के बाद जीआरपी हरिद्वार ने जांच शुरू की। जांच के दौरान चोरी हुए मोबाइल से देहरादून के राजपुर रोड स्थित एटीएम से पैसे निकाले जाने की जानकारी मिली। बैंक से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने अंश शर्मा और बलदेव सिंह रावत की पहचान की, जो पहले भी जीआरपी के मामलों में जेल जा चुके थे। दोनों को देहरादून से गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपी दीपक सेमवाल के घर से चोरी का सामान बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार अंश शर्मा और बलदेव सिंह रावत ट्रेन में चोरी करते थे, जबकि दीपक सेमवाल मोबाइल का लॉक तोड़कर नया पिन बनाता था। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। कप्तान अरुणा भारती ने मामले के सफल खुलासे पर विवेचक उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार और पूरी टीम को सराहना दी है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में चोरी करने वाले अन्य संदिग्धों की पहचान कर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यात्रियों से यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।









