देहरादून में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़, 10 लाख लेकर परीक्षा पास कराने का खेल उजागर
राजेश पसरीचा देहरादून प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मल्टी टास्किंग स्टाफ भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित मल्टी टास्किंग (नॉन टेक्निकल) स्टाफ एवं हवलदार भर्ती परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने देहरादून के एम.के.पी इंटर कॉलेज स्थित महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र में दबिश दी।
छापेमारी के दौरान परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस कक्ष में जमीन के भीतर 24×24 इंच का गुप्त अंडरग्राउंड चैंबर मिला, जिसमें दो लैपटॉप और राउटर स्वचालित रूप से चल रहे थे। जांच में सामने आया कि इन उपकरणों के माध्यम से प्रश्नपत्रों को रिमोटली हल कर अभ्यर्थियों को नकल कराई जा रही थी।

एसटीएफ ने मौके से तकनीकी उपकरण जब्त कर परीक्षा केंद्र को सील कर दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतिश कुमार (देवरिया, उत्तर प्रदेश/निवासी दिल्ली) और भास्कर नैथानी (देहरादून) के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम-2023, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अत्याधुनिक तकनीक से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल करवाते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सरकार के सख्त नकल विरोधी कानून के तहत संगठित परीक्षा माफिया पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।









