हरिद्वार

जनता की समस्याओं के समाधान पर प्रशासन का फोकस, 51 शिकायतें दर्ज, 28 का मौके पर समाधान

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित हुई साप्ताहिक जनसुनवाई

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद उस्मान) हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 51 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 का मौके पर ही समाधान किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण हेतु प्रेषित किया गया।

जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, राशन, अतिक्रमण, पेयजल एवं जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। नागरिकों ने व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं को लेकर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कई फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें जन्म प्रमाण पत्र, भूमि पैमाईश, जलभराव, नाली निर्माण, विद्युत कनेक्शन, सड़क व सीवर समस्या तथा पेयजल कनेक्शन जैसे विषय शामिल रहे।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिन मामलों में मौके पर जाकर जांच आवश्यक है, वहां संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करेंगे।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायतकर्ता को दोबारा जनसुनवाई में आने की स्थिति न बने। यदि समय पर समाधान न होने के कारण कोई शिकायत पुनः आती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। एल-1 पर 536 तथा एल-2 पर 116 शिकायतें लंबित पाई गईं, जिनके समाधान हेतु अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी शिकायतकर्ताओं से फोन के माध्यम से संवाद कर संवेदनशीलता के साथ समस्याओं का समाधान करें, जिससे जनता का प्रशासन पर विश्वास बना रहे। बैठक में अपर जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, पेयजल निगम, कृषि, खेल, उरेडा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।

जनसुनवाई कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जनसमस्याओं का समय पर समाधान उनकी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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