हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में इन दिनों कुछ होटलों को लेकर चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर यह कहा जा रहा है कि शहर के चुनिंदा क्षेत्रों में ऑनलाइन माध्यमों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों का संचालन किए जाने की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अब तक किसी आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

कोड आधारित ऑनलाइन संपर्क की चर्चा
स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, कथित तौर पर कुछ संपर्क नंबर इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त किए जाते हैं, जिनसे बातचीत के बाद एक कोड के जरिए व्हाट्सएप पर संवाद शुरू होने की बात कही जा रही है। इसके बाद लोकेशन साझा किए जाने और तस्वीरें भेजे जाने जैसी बातें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। यह भी कहा जा रहा है कि पूरा कथित सिस्टम गोपनीय तरीके से संचालित होने की कोशिश करता है, जिससे गतिविधियां सामान्य निगरानी से दूर रह सकें। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

कुछ इलाकों के होटल चर्चा में
शहर में चर्चा है कि हरिद्वार, ज्वालापुर सहित कुछ व्यस्त इलाकों में स्थित होटलों को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि बाहरी क्षेत्रों से जुड़े कुछ लोग इस कथित नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

प्रशासन की निगरानी और सत्यापन अभियान
प्रशासन की ओर से समय-समय पर होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में सत्यापन व चेकिंग अभियान चलाए जाने की जानकारी मिलती रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि चर्चाओं में कही जा रही बातें सही पाई जाती हैं तो यह कानून-व्यवस्था और शहर की छवि से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल पूरा मामला चर्चाओं और आशंकाओं के स्तर पर है। प्रशासनिक जांच या आधिकारिक पुष्टि सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर है कि यदि कहीं कोई अवैध गतिविधि संचालित हो रही है तो उस पर प्रभावी कार्रवाई कब और कैसे होती है।









