देहरादून

पैसे देने में आनाकानी करने पर दिगंबर के दोस्तो ने उसपर रॉड, हथौड़े व पेंचकस से किया था वार, तीनो गिरफ्तार

राजेश पसरीचा देहरादून प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) देहरादून। बंसत विहार निवासी दिगंबर की हत्या कर शव चिड़ियापुर के जंगलों में फेंकने वाले दिगंबर के 3 फरार दोस्तो को नेहरुकोलोनी पुलिस द्वारा कल शनिवार को आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाईपास से गिरफ्तार कर लिया है। दिगंबर ने अपने दोस्तो से ढाई लाख रुपये उधार लिए गए किन्तु वापिस न करने करने के चलते उनमें विवाद था। 9 फरवरी को दिगंबर के तीनों दोस्तो द्वारा बहाने से उसे रेसकोर्स स्थित घर मे बुलाया जहां आपस मे नशा कर उससे पैसे मांगे तो दिगंबर के आनाकानी करने पर उनके द्वारा उसे टॉर्चर करने को लोहे की रॉड, हथौडे तथा पेंचकस से वार किये, पर खून ज़्यादा बहने के चलते उसकी मृत्यु हो गयी। अभियुक्त हेमंत द्वारा अपने पहचान के टैक्सी चालक को 5 हज़ार रुपये देने का वादा कर उसका शव तीनो दोस्तो के साथ मिलकर चिड़ियापुर के जंगलों में फेंक हत्या मे इस्तेमाल हथियार नेपाली फार्म से आगे पुल से नीचे नदी में फेक दिए।

बीती 11 फरवरी को संतराम धीमान निवासी शास्त्री नगर, बसंत विहार द्वारा बंसत विहार पुलिस को अपने 28 वर्षीय पुत्र दिगंबर धीमान के 9 फरवरी से घर न आने की जानकारी दी थी। युवक के बारे में खोजबीन करने पर पुलिस को पता चला कि गुमशुदा युवक दिगंबर धीमान के विरुद्ध थाना बसंत विहार में पोक्सो व आपराधिक मुकदमे दर्ज है, जिसकी तारीख पर वह 9 फरवरी को कोर्ट गया था जहां उसे अगली तारीख मिली तो उसने अपने पिता को घर जाने व स्वयं कुछ देर में आने की बात कही गई। पुलिस ने युवक के बारे में और जानकारी की तो पता चला कि दिगंबर नशे का आदी था व वह जिन दोस्तों के साथ नशा करता था वह भी कुछ दिनों से गायब है।

पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि घटना के सम्बंध में बसंत विहार पुलिस द्वारा छानबीन शुरू की तो पता चला कि गुमशुदा युवक के साथी 9 फरवरी की रात को एक टैक्सी से कहीं गए थे।जिस पर पुलिस टीम द्वारा उक्त संदिग्ध टैक्सी के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए बीती 17 फरवरी को उक्त टैक्सी चालक राजनन्दन पुत्र मनमोहन ठाकुर निवासी: न्यू पटेलनगर देहरादून को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गयी तो उसके द्वारा कुछ युवको द्वारा 9 फरवरी की रात उसकी टैक्सी में एक व्यक्ति के शव को कंबल में लपेटकर हरिद्वार अंतर्गत चिडियापुर के जंगलों में ले जाकर फेंकने की जानकारी दी थी, जिसपर पुलिस टीम द्वारा चिड़ियापुर के जंगलों में सर्चिंग आपरेशन चलाते हुए गुमशुदा दिगंबर का शव बरामद कर टैक्सी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया था।

घटना के सम्बन्ध में मृतक दिगम्बर के पिता सन्तराम द्वारा उनके पुत्र के दोस्त हेमन्त सेमवाल, आदिल, संजू तथा अन्य के विरूद्ध थाना बसन्त विहार में धारा: 103 (1), 238 (1), 61 (2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया। वहीं टैक्सी ड्राइवर से पूछताछ में पुलिस को दिगंबर के साथियों द्वारा उसकी हत्या रेसकोर्स स्थित कमरे में उसके हत्या किए जाने की जानकारी दी, जिसपर पुलिस बंसत से मुकदमा थाना नेहरुकोलोनी स्थानांतरित किया गया।

कप्तान प्रमेन्द्र ने बताया कि घटना में अभियुक्तो की धरपकड़ को अलग-अलग पुलिस टीम गठित की गई, जिनके द्वारा अभियुक्तो के सभी सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी गयी व सर्विलांस के माध्यम से भी अभियुक्तो की जानकारी जुटाई गई।

पुलिस द्वारा अभियुक्तो की धरपकड़ को लगातार किये जा रहे प्रयास व मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा घटना में शामिल तीनो अभियुक्तों 1- हेमंत कुमार(37) पुत्र जगदीश प्रसाद सेमवाल निवासी नई बस्ती सी ब्लॉक रेसकोर्स, थाना नेहरू कॉलोनी, जनपद देहरादून, 2- आदिल(38) पुत्र आबिद हुसैन निवासी नई बस्ती सी ब्लॉक रेसकोर्स, थाना नेहरू कॉलोनी, जनपद देहरादून, 3- वैभव भट्ट उर्फ संजू(25) पुत्र पिंटू भट्ट निवासी नई बस्ती सी ब्लॉक रेसकोर्स, थाना नेहरू कॉलोनी, जनपद देहरादून को कल शनिवार को आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाईपास रोड से गिरफ्तार किया गया।पुलिस द्वारा अभियुक्तो की निशानदेही पर दिगंबर की हत्या में इस्तेमाल स्टील की रॉड, लोहे के हथोडे व मृतक के जूतों को नेपाली फार्म के पास पुल के नीचे सूखी नदी से बरामद किया गया है।

कप्तान प्रमेन्द्र ने बताया कि अभियुक्तो का मृतक दिगंबर के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। दिगम्बर द्वारा उनसे ढाई लाख रुपये लिये गये थे, जो वह वापस नहीं कर रहा था। 9 फरवरी को उन तीनों को दिगंबर की तारीख होने की जानकारी मिली, तो हेमंत ने दिगंबर को कॉल कर रेसकोर्स सी-ब्लाक स्थित अपने घर पर बुलाया गया। जहां तीनो अभियुक्तों द्वारा दिगम्बर के साथ बैठकर नशा किया, इस दौरान अभियुक्तों द्वारा दिगम्बर से अपने पैसे वापस मांगे गए। जब दिगंबर पैसे देने में आनाकानी करने लगा तो उनके द्वारा दिगंबर को टॉर्चर करने की नीयत से उस पर घर में रखी लोहे की रॉड, हथौडे तथा पेंचकस से वार किये गये, जिससे उसे काफी गम्भीर चोटें आई। हमले में ज्यादा खून बहने के कारण दिगंबर की मौके पर ही मृत्यु हो गयी। घटना के बाद अभियुक्त हेमन्त द्वारा अपने परिचित टैक्सी चालक रामनन्दन को टैक्सी लेकर अपने कमरे में बुलाया तथा उसे घटना के बारे में बताते हुए शव को ठिकाने लगाने में मदद के एवज में 15 हजार रुपये देने की बात कही। जिसके बाद चारों अभियुक्त मृतक के शव को कम्बल में लपेटकर उसे गाडी की डिग्गी में डालकर हरिद्वार की ओर ले गये तथा रास्ते में अभियुक्तों द्वारा घटना में प्रयुक्त लोहे ही रॉड, हथौडा व मृतक के जूतों को नेपाली फार्म से आगे पुल से नीचे नदी में फेक दिया तथा मृतक के शव को चिडियापुर के जंगलों में ले जाकर नहर किनारे रेत मे दबा दिया।

गिरफ्तार अभियुक्त हेमंत व आदिल के खिलाफ कोतवाली नगर व पटेलनगर कोतवाली में संगीन धाराओं व एनडीपीएस एक्ट में मुकदमे दर्ज है वहीं वैभव के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज है।

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