सलेमपुर-सुमननगर मार्ग पर भारी वाहनों का बढ़ता दबाव, हादसों का बढ़ सकता है ग्राफ, चौधरी गुलशन ने जताई चिंता
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले भारी एवं ओवरलोड वाहनों का सलेमपुर बिजली घर के सामने से होते हुए सुमननगर मार्ग पर लगातार बढ़ता आवागमन स्थानीय राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। पूर्व में भी इस क्षेत्र में हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। वहीं ऑल अवर उत्तराखंड वेलफेयर एसोसिएशन के उत्तराखंड प्रभारी चौधरी गुलशन वर बुला सलेमपुर ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि सलेमपुर से सुमननगर के रास्ते बड़ी संख्या में भारी और ओवरलोड वाहन गुजर रहे हैं। कई वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे आम राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और विशेष रूप से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को ऐसे मार्गों पर भारी एवं ओवरलोड वाहनों की नियमित जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की आवाजाही अधिक रहती है स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल आने-जाने के प्रमुख समय में भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। और लगभग तीन घंटे बड़े वाहन ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाना चाहिए। चौधरी गुलशन वर बुला सलेमपुर ने कहा कि आरटीओ विभाग को उन मार्गों पर विशेष निगरानी बढ़ानी चाहिए, जहां औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले भारी वाहनों की संख्या अधिक है। उन्होंने फैक्ट्रियों से निकलने वाले भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने तथा ओवरलोडिंग पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के लिए रात्रिकालीन आवागमन की व्यवस्था पर भी प्रशासन को विचार करना चाहिए, एक भी गाड़ी दिन ए उजाले में ना निकल सके। ताकि दिन के समय आम जनता और स्कूली बच्चों को कम से कम परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कानून और संविधान से बड़ा कोई नहीं है तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।









