रामनगर रामलीला में ताड़का वध का भव्य मंचन, श्रीराम के पराक्रम ने मोहा मन
रवि सक्सेना रुड़की संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रवि सक्सेना) रुड़की। श्री सनातन धर्म रामनगर रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन ताड़का वध की लीला ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। ताड़का के भयावह रूप, कलाकारों के दमदार अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने पंडाल में मौजूद दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का वध के प्रसंग के साथ ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। लीला के दौरान दिखाया गया कि राक्षसों द्वारा यज्ञ में विघ्न डालने और ऋषि-मुनियों को परेशान किए जाने पर महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास पहुंचे। उन्होंने यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ वन में ले जाने की अनुमति मांगी। इसके बाद दोनों राजकुमार महर्षि विश्वामित्र के साथ वन पहुंचे, जहां उनका सामना ताड़का से हुआ। ताड़का के मंच पर प्रवेश करते ही पंडाल में रोमांच का माहौल बन गया। उसके भयावह रूप और आतंक के दृश्य ने बच्चों से लेकर बड़ों तक का ध्यान अपनी ओर खींचा। अंत में भगवान श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषि-मुनियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई। कलाकारों की शानदार वेशभूषा, संवाद अदायगी और अभिनय को दर्शकों ने सराहा। इस दौरान रामलीला पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा। मंचन के माध्यम से धर्म की रक्षा और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सतीश कालरा, मन्नु मेहंदीरत्ता, रवि भठेजा, संजीव लखानी, संजीव मेहंदीरत्ता, जगदीश मेहंदीरत्ता, गुलशन अनेजा, हरि ओम सहित कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।









