कन्हैया लाल डीएवी महाविद्यालय रुड़की में आयोजित हुआ सम्मान समारोह, मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित
इमरान देशभक्त रुड़की प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। कन्हैया लाल डीएवी महाविद्यालय रुड़की में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी के विश्वास, सहयोग से सरकार जनसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है। सरकार का प्रथम दायित्व होता हैं की जनता की समस्याओं को सुने और उनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि जैसे ही मेरे संज्ञान में आया कि इस महाविद्यालय के कर्मचारियों को पिछले लगभग 8 महीनों से बिना वेतन के अपने सभी दायित्वों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन कर रहे हैं। तो सरकार का भी कर्तव्य था कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए गए। उन्होंने कहा की शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता बल्कि वो समाज की चेतना को दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है।जिस समाज में शिक्षक सुरक्षित, सम्मानित और संतुष्ट होता है, वही समाज प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते हुए उन्नति के शिखर पर पहुंचता है। उन्होंने कहां की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों को प्रमुखता देते हुए राज्य में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, व्यावहारिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए भी कई स्तरों पर कार्य कर रहे हैं।तथा सरकार, शिक्षा व्यवस्था को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं रखना चाहती। बल्कि उसे स्किल डेवलपमेंट से जोड़कर राज्य में रोजगार के साथ- साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी युवाओं को आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति को लागू कर अपनी प्राथमिकताओं के बारे में स्पष्ट कर दिया है। नई शिक्षा नीति के तहत अब विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कई नए कोर्स शुरू हो रहे हैं।हमारी शिक्षा प्रणाली अब और अधिक व्यवहारिक और रोजगारपरक बन रही है।अब छात्रों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए कौशल और आत्मविश्वास भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से राज्य में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। वहीं, छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए महिला छात्रावास,आधुनिक आई.टी लैब और नए परीक्षा भवनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसके अलावा हमने ब्रिटेन के साथ शेवनिंग उत्तराखण्ड छात्रवृत्ति के लिए समझौता किया है। इसके तहत हमारे 5 सबसे प्रतिभाशाली छात्रों को मास्टर्स के लिए ब्रिटेन भेजा जाएगा। इसके साथ ही हमने इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड के साथ भी हाथ मिलाया है, ताकि हमारे कॉलेजों में कंप्यूटर आधारित विभिन्न आधुनिक कोर्स संचालित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि जो युवा देश के 100 श्रेष्ठ रैंकिंग वाले संस्थाओं में प्रवेश लेंगे,सरकार उन्हें 50,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि भी देने का कार्य कर रही है।उत्तराखंड का युवा केवल नौकरी मांगने वाला न बने, बल्कि स्टार्टअप के माध्यम से नौकरी देने वाला भी बने।इसके लिए उत्तराखंड के महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही 09 नए महाविद्यालयों की स्थापना करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शोध को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना भी प्रारंभ की है। इसके तहत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपए तक का शोध अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, उत्कृष्ट शोध पत्रों के प्रकाशन पर राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार देने के मामले में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार इसी समर्पण के साथ शिक्षकों के सम्मान और छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।इसी विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और जब तक उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य नहीं बना लेते तब तक न हम रुकेंगे और न थकेंगे। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी ने कहा कि प्रदेश में शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार सभी कदम उठा रही है। छात्र छात्रों के भविष्य के लिए सरकार द्वारा सख्त कानून बनाए गए हैं। अब सफलता उन्हीं को मिलेगी जो मेहनत करेंगे। सरकार सभी संसाधन देने के लिए तैयार है और दे रही हैं। महिलाओं को सशक्त और सफल बनाने के लिए भी सरकार बड़े महत्वपूर्ण कदम लगातार उठा रही है। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष मधु सिंह, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि महाविधालय के शिक्षकों को विगत आठ माह से जो वेतन नहीं मिल रहा था, मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में आते ही उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया,जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का अभिवादन एवं धन्यवाद किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ एमपी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महा विधालय के शिक्षक विगत आठ महीनों से वेतन प्राप्त नहीं हो रहा था, जिसके लिए उन्होंने सभी उच्चाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया, इसके बाद वह अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री जी मिलकर वार्ता की, मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेते हुए इसका समाधान किया गया, जिसके लिए आज मुख्यमंत्री जी के सम्मान में सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित रखा गया,किंतु खराब मौसम होने के कारण मुख्यमंत्री कार्यक्रम में संलित नहीं हो पाए तथा वर्चुअल माध्यम से सभी को संबोधित करते हुए शिक्षकों का सम्मान किया, जिसके लिए मुख्यमंत्री जी के आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया। कार्यक्रम का सफल संचालक अध्यक्ष केएल डीएवी पीजी कॉलेज पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर छात्र छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, नवनीत गर्ग, पंकज गर्ग, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश कौशिक, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल,ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, एसपी देहात शेखर सुयाल, उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी, महासचिव मुदित गर्ग, अंकित पुरोहित, सहित छात्र छात्राएं मौजूद रहे।











