उड़ीसा की जेल तोड़कर फरार कल्लू गैंग के एक लाख ईनामी को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
राजेश पसरीचा देहरादून प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) ऋषिकेश। उड़ीसा के कटक जेल को तोड़कर वर्ष 2025 में फरार हुए अभियुक्त को ऋषिकेश पुलिस द्वारा आज नटराज चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है। अभियुक्त वर्ष 2025, 2 अक्टूबर को न्यायिक अभिरक्षा के दौरान जेल तोड़कर फरार हो गया था, जोकि आज त्रिवेणी घाट में देखे जाने पर उड़ीसा पुलिस ने ऋषिकेश पुलिस से सहायता मांगी गई थी। अभियुक्त बिहार के कल्लू गैंग का सदस्य था जिसपर उड़ीसा पुलिस द्वारा 1 लाख का ईनाम रखा गया था।
आज बुधवार को उडीसा पुलिस द्वारा कोतवाली ऋषिकेश पुलिस को सूचना दी गई थी कि उडीसा के जनपद कटक के थाना चौदवार में पंजीकृत मु0अ0सं0- 594/2025 धारा 262, 3(5) बीएनएस से संबंधित अभियुक्त राजा साहनी(34) पुत्र महेश साहनी निवासी लोदिया नगर, थाना मीरगंज, जिला बेगूसराय (बिहार), जो न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार कटक में बंदी रहने के दौरान 2 अक्टूबर 2025 को जेल तोड़कर फरार हो गया था। वह अभियुक्त त्रिवेणी घाट क्षेत्र में एक गोल्डन रंग की स्विफ्ट डिजायर कार में देखा गया है। उड़ीसा पुलिस द्वारा बताया गया कि अभियुक्त पर 1 लाख रुपये का ईनाम घोषित है।
जेल तोड़कर फरार हुए अभियुक्त के बारे में उड़ीसा पुलिस द्वारा जानकारी साझा करते ही पुलिस कप्तान द्वारा सीओ ऋषिकेश के नेतृत्व में तुरंत एक टीम गठित की व अभियुक्त की तलाश शुरू की। पुलिस टीम द्वारा त्रिवेणी घाट व उसके आस-पास आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को चैक करते हुए उक्त संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गयी। साथ ही ऋषिकेश व आस-पास के क्षेत्र में सघन चैकिंग अभियान चलाते हुए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
पुलिस टीमों द्वारा त्वरित कार्यवाही व समन्वित प्रयासों से उक्त संदिग्ध कार संख्या: पीबी-10-डीएन-0508 को घेराबंदी करते हुए नटराज चौक से टिहरी जाने वाले मार्ग पर सुमन पार्क के पास रोकते हुए वाहन सवार व्यक्तियों को चैक किया गया तो उडीसा पुलिस द्वारा कार की पिछली सीट पर बैठे व्यक्ति की पहचान राजा साहनी के रूप में की गई। जिसे पुलिस द्वारा मौके से गिरफ्तार किया गया। पकड़ा गया अभियुक्त बिहार के कल्लू गैंग का सदस्य है।
अभियुक्त से पूछताछ में उसके विरूद्ध अन्य प्रान्तों में भी आपराधिक अभियोग दर्ज होना प्रकाश में आया, जिसके सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है।









