हरिद्वार

हरि की नगरी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पूर्णतः हुई शिवमय

नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। हरि की नगरी हरिद्वार गंगानगरी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पूर्णतः शिवमय हो उठी। प्रातः ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने हर की पौड़ी पर मां गंगा की पवित्र धारा में आस्था की डुबकी लगाई और तत्पश्चात भगवान शिव के पौराणिक मंदिरों की ओर प्रस्थान किया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर, बिल्केश्वर महादेव मंदिर, नीलेश्वर महादेव मंदिर, तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर एवं दरिद्रभंजन महादेव मंदिर व बाबा काली कमली में भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया और अपने परिजनों व शुभ चिंतकों की खुशहाली की कामना की। बिल्केश्वर महादेव मंदिर में पूरी रात भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक चलता रहा। प्रातः लगभग 3:00 बजे संत-महंतों द्वारा भगवान बल्केश्वर महादेव की भव्य महाआरती की गई। आरती उपरांत भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया तथा फिर आम श्रद्धालुओं के जलाभिषेक हेतु मंदिर के कपाट खोल दिए गए। 3:30 बजे से शिवालयों में जलाभिषेक का क्रम सुबह लगभग 3:30 बजे से सभी प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक प्रारंभ हो गया। मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। हर ओर “हर-हर महादेव”, “बोल बम”, “जय भोलेनाथ” के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। वहीं, हर की पौड़ी पर स्नान करने के पश्चात श्रद्धालु गंगाजल भरकर शिवालयों की ओर बढ़ते दिखाई दिए। श्रद्धा और उत्साह का ऐसा दृश्य था मानो पूरी तीर्थनगरी शिवभक्ति की लहरों में डूब गई हो। उधर, महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रशासन एवं पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसका विशेष ध्यान रखा गया था। महाशिवरात्रि पर हरिद्वार ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि यह केवल तीर्थनगरी नहीं, बल्कि आस्था की जीवंत राजधानी है, जहां गंगा की धारा और शिव की कृपा सदैव प्रवाहित होती रहती है।

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