जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने संसार से जाति व्यवस्था पर सबसे पहले चोट कीः श्रीमहंत विष्णुदास
जगद्गुरु रामानंदाचार्य महाराज की 726वीं जयंती बड़ी धुमधाम से मनाई
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। श्रवण नाथ नगर स्थित श्री गुरू सेवक निवास उछाली आश्रम से जगद्गुरु रामानंदाचार्य महाराज की 726 वीं जयंती बड़ी धुमधाम के साथ शनिवार को मनाई गई।

इस मौके पर एक भव्य शोभा यात्रा का शुभारंभ किया गया, जोकि भाटिया भवन होते हुए श्रवण नाथ नगर स्थित रामानन्द आश्रम में संपन्न हुई। इस दौरान संतजनों का विभिन्न स्थानों पर फूल-मालओं से स्वागत किया गया। शोभायात्रा में आतिशबाजी भी आकर्षण का केन्द्र रही।

इस अवसर पर भगवान् रामानंदाचार्य महाराज की प्रतिमूर्ति की परम्परानुसार पुष्प अर्पण कर पुजा अर्चना की गई। इस अवसर पर श्री गुरू सेवक निवास उछाली आश्रम के श्रीमहंत विष्णु दास महाराज ने कहा कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने संसार से जाति व्यवस्था पर सबसे पहले चोट की।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर प्रेसदास महाराज ने कहा कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने समाज के सभी वर्गों को अपने शिष्य के रूप में अपना कर समाज में समानता की संदेश दिया। उनके सभी 24 शिष्य उच्च कोटि के संत हुए। वे सभी भिन्न भिन्न जातियों के थे।

इस मौके पर महालक्ष्मी व्यापार मंडल के संयोजक एवं शहर व्यापार मंडल उपाध्यक्ष संजय चौहान, अध्यक्ष विष्णु अरोड़ा, व्यापारी नेता राजीव शर्मा, रामनाथ, बलवीर सिंह चौहान, ऋषभ चौहान आदि ने जोरदार तरीके से शोभायात्रा में मौजूद सभी संतजनों का भव्य स्वागत किया। इस दौरान श्री महंत विष्णु दास, प्रेम दास, प्रमोद दास, रविन्द्र पूरी महाराज, राधा दास, रामानुज महाराज, सूरत दास, रघुवीर दास, दुर्गा दास, बाबा हठयोगी आदि मौजूद रहे।











