जन संघर्ष मोर्चा ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से प्रयागराज प्रशासन द्वारा किए दुर्व्यवहार पर आक्रोश जताया
गगन शर्मा सह सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष गुलशन खत्री ने प्रयाग राज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद एवं उनके भक्तों से प्रयाग राज प्रशासन द्वारा किए दुर्व्यवहार पर आक्रोश जताया है। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन के इस कार्य की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदूवादी सरकार और एक संत के मुख्यमन्त्री रहते मोनी अमावस्या के पावन पर्व पर प्रयागराज प्रशासन द्वारा ऐसा नही करना चाहिए था। जो कि पूरे देशवासीयों और सनातनियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि ये कैसी हिंदूवादी सरकार है जिनके राज में शंकराचार्य जैसे उच्च कोटि के संत सुरक्षित नहीं है। सभी देशवासी भारत सरकार से पड़ोसी देश बंगलादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की उम्मीद करते है। परंतु यहां अपने देश में इस घटना ने शर्मसार कर दिया है। उन्होंने कहा कि ये घटना पाप का घड़ा भरने जैसी है जिस पर तुरंत उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज प्रशासन को गलती स्वीकार करते हुए शंकराचार्य से माफी मांगनी चाहिए। वरना सरकार को 2027 में हिंदू, सनातन और संत विरोधी उस कृत्य के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।









