
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। महाशिवरात्रि पर्व में सनातन धर्म के लोगो मे बड़ी आस्था होती है। कई कई किलोमीटर दूर से आकर हरिद्वार से जल लेकर शिव जी को जल चढाते है। कई लोग पैदल यात्रा करते हैं। तो कई ट्रेकटर ट्रोली, तो कोई सुंदर झाँकियों के साथ आस्था की डुबकी लगाते मग्न होकर नाचते गाते भोले की मस्ती में अपनी अपनी मंजिल की ओर बढ़ते है। हर किसी की अपनी मनोकामनाएं और श्रद्धा होती है। लेकिन यहाँ सभी भक्तगणों को विशेष ध्यान देने वाली बात ये है कि आप जोश या अज्ञानता के चलते पुण्य की जगह पाप के भागी तो नही बन रहे है। कुछ भक्तगण गंगा जल लेने जायेंगे तो घाट पर अपने कच्छे और गन्दे कपड़े छोड़ आएँगे तो कुछ जोश मे आकर बाईक के साइलेंसर उतार कर कान फाडू आवाज से आम जनता को कष्ट देने मे अपनी शान और अधिकार समझते है। जिससे स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्या आप यह सोचने वाली बात है कि कया आप इस प्रकार महादेव की कृपा पा लेंगे?
कहीं इससे आप जाने अनजाने में पाप के भागी बन रहे है या पुण्य के इसका निर्णय आप स्वयं कर सकते है। महाशिवरात्रि पर कोई कावड लेने जाए या पूजन के लिए मंदिर जाए कोई नही चाहेगा कि उसे पुण्य की जगह पाप लगे। कुछ की शिकायत होती है कि हमने कावड उठाई मन्दिर गए, व्रत रखा फिर भी भोलेनाथ की कृपा नही मिली। अक्सर काफी भक्तगण अपनी ही दुनिया मे मस्त होकर कुछ जरूरी बाते भूल जाते है, जैसे कि मन्दिर जाओ तो कभी भी अपनी चप्पल-जूते अव्यवस्थित कर गेट या सीढ़ियों के सामने न उतारे। ऐसा कहा जाता है कि जो भक्तगण आपकी चप्पल जूते लांघकर मंदीर जायेंगे उनकी नकारात्मक ऊर्जा आपके ऊपर चली जायेगी। दूसरी सावधानी मंदिर जाकर कम से कम अपनी वजह से कूड़ा कचरा न फैलाये। यदि आप वहाँ जाकर कुछ देर सफाई व्यवस्था और मंदिर के काम में हाथ बटाते है तो प्रभु का आपको आर्शीवाद अवश्य मिलेगा। उदाहरण के लिए कोई आपका कितना भी प्रिये हो एक आपके घर आकर यदि घर की व्यवस्था खराब करता है दूसरा अन्य व्यक्ति आपके घर आकर अच्छी व्यवस्था बनाने मे सहयोग करता है तो दोनों मे से आपके मन से किसके लिए दुवाये निकलेगी? दूसरी सावधानी घण्टी मंदिर जाते समय बजानी चाहिए आते हुए नही। मंदिर जाकर प्रभु से कुछ नही मांगना चाहिए। ईश्वर सर्वज्ञता है। उन्हे पता है किसको क्या चाहिए। प्रभु भी ऐसे भक्तो को देखकर कहते है कि “कभी मिलने भी आया कर या हमेशा मांगने ही आता है”। शिवलिंग के पास जाकर तीन बार अलग अलग ताली बजानी चाहिए, पहली बार: प्रभु मै आपकी शरण मे आया हूँ, दुसरी बार ताली: प्रभु मुझ पर अपनी कृपा बनाये रखना, तीसरी ताली: मुझे अपने से दूर न करना महादेव। इसके अतिरिक्त यदि आप मंदिर के विकास कार्यो मे सहयोग करते है तो आपकी आय (कमाई) दवाई और फालतू खर्च में नही जायेगी। महादेव आपके पूरे परिवार पर सदैव अपनी कृपा बनाये रखे इसी आकांक्षा के साथ सनातन धर्म में आस्था रखने वाले देश विदेश के भक्तो को महाशिवरात्रि की बधाई।









