एआईएमआईएम मजलिस का स्थापना दिवस पार्टी कार्यकर्ताओं ने धूमधाम से मनाया
दबे-कुचले व मजलूम लोगों की आवाज बुलंद करना मकसद: डॉक्टर नैयर काजमी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। एआईएमआईएम (मजलिस) स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश कार्यालय पर भारी संख्या में मजलिस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर नैयर काजमी को बधाई दी।स्थापना दिवस पर मजलिस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर नैयर काजमी ने कहा कि मजलिस का उद्देश्य भारत में दबे-कुचले और मजलूम लोगों की आवाज को बुलंद करना है तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में हर वर्ग और जाति के लोगों ने मजलिस के उम्मीदवारों को अपना समर्थन दिया।डॉक्टर नैयर काजमी ने कहा कि लोगों में भ्रम फैलाया जाता है कि मजलिस केवल मुस्लिम के लिए काम करती है, जबकि बिहार में सभी ने देखा कि वहां पर पिछले, अति पिछड़े, यादव, ठाकुर तथा दलित वर्ग एवं हिंदू भाइयों के लिए भी सीट दी गई।उन्होंने कहा की उत्तराखंड में अंकिता भंडारी के न्याय के लिए भी उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पत्र लिखा है, यही नहीं त्रिपुरा के छात्र की निर्मम मौत की जांच की मांग भी मजलिस की तरफ से की गई है। उन्होंने कहा उत्तराखंड में जिस प्रकार से मजलिस का जनाधार बढ़ रहा है, उससे सभी पार्टियां घबराए हुई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुसलमान को अपना वोट बैंक समझा है और इस बात को मुस्लिम समाज समझ चुका है।कहा कि आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर व बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी दोनों मिलकर देश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अपना अभियान छेड़े हुए हैं। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल वाजिद, प्रदेश संगठन सचिव प्रधान अब्दुल अजीज, अनुसूचित विभाग के संगठन सचिव सतीश कुमार बावरा आदि ने अपने विचार रखे।इसके उपरांत उन्होंने कैंडल मार्च निकालकर अंकित भंडारी के न्याय के लिए मौन जुलूस निकाला।इस मौके पर जुल्फिकार ठेकेदार, मोहम्मद शाबान, मुनव्वर मलिक, शहाबुद्दीन महनगर अध्यक्ष, मौलाना शाहिद, अबरार मलिक, मुसर्रत अली, रियासत नेता, ओवैस अली, डॉ० मुस्तकीम मोहम्मद, वसीम, नईम अहमद आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।











