
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। एक ओर सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद है, तो वहीं दूसरी रुड़की में एक गर्भवती महिला इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को बचाने और अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए पीड़ित महिला आज अपने परिजनों के साथ प्रेस क्लब पहुंची, जहां उसने पत्रकार वार्ता कर पुलिस और सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित महिला साक्षी सैनी का कहना है कि उसके ससुराल वालों ने दहेज की माँग को लेकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और गर्भपात कराने की पूरी कोशिश की, हालांकि समय रहते उसके मायके पक्ष के लोगों ने पहुंचकर उसकी जान और गर्भ में पल रहे बच्चे को बचा लिया, किन्तु इसका खामियाजा उसके परिजनों को भुगतना पड़ा।पीड़िता का आरोप है कि ससुरालियों ने उसके परिजनों के साथ भी मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।मामले की शिकायत थाने से लेकर उच्च अधिकारियों तक की गई है।पुलिस ने मेडिकल तो कराया, लेकिन आज तक मुकद्दमा दर्ज नहीं हुआ। पीड़ित महिला का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते उसे इंसाफ नहीं मिल रहा है, वहीं पीड़िता के भाई जेनीश सैनी ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा कि बहन की जान खतरे में है। प्रेस वार्ता के दौरान पीड़िता ने प्रशासन से मांग की कि दहेज के लालची और गर्भ हत्या की कोशिश करने वालों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया जाए और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।











