चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा, ऋषिकुल पंजीकरण केंद्र में पुख्ता व्यवस्थाओं के निर्देश
नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। आगामी 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को सुगम, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ऋषिकुल मैदान में बनाए जा रहे यात्री पंजीकरण केंद्र पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने को कहा गया। यहां पर्याप्त संख्या में पंजीकरण काउंटर, पेयजल, विद्युत, शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे लगाने और महिला यात्रियों की सुविधा के लिए महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने नगर निगम को साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने, विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, जल संस्थान को पेयजल आपूर्ति बनाए रखने तथा परिवहन विभाग को वाहनों की फिटनेस, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पुलिस विभाग को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए।
पूर्ति विभाग को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही सभी पेट्रोल पंपों पर शौचालय और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने को कहा गया। तकनीकी व्यवस्थाओं के लिए संबंधित एजेंसी तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भोजन व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए चारधाम यात्रा को सफल बनाने पर जोर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि पंजीकरण केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त साइन बोर्ड लगाए जाएं, घाटों पर जल पुलिस की तैनाती और सुरक्षा चैन की व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि ऋषिकुल पंजीकरण केंद्र पर 20 काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनके संचालन के लिए 70 कार्मिकों को तैनात कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 31 मार्च 2026 तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं।









