पिरान कलियर शरीफ दरगाह स्थित मस्जिद में 27-वीं रात में परंपरागत तरीके से संपन्न हुआ शबीना
इमरान देशभक्त रुड़की प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। पिरान कलियर में रमजानुल मुबारक की 27-वीं रात में परंपरागत तरीके से चल रहा शबीना दरगाह मस्जिद में संपन्न हुआ। जिसमें देश के विभिन्न प्रांतो से आए हाफिज, कारी और मौलानाओं ने एक रात में पूरा कुरान शरीफ मुकम्मल किया।पूर्व गृह राज्य मंत्री व पूर्व सांसद सैयद सईदुज्जमा की देखरेख में यह शबीना संपन्न हुआ। उन्होंने उनके परदादा व दादा सैयद अब्दुल्ला ने 1914 में दरगाह पिरान कलियर शरीफ में रमजान शरीफ की 27-वीं शब को शबीना यानी एक रात में पूरा कुरान पढ़ कर मुकम्मल करना शुरू कराया था, जो बाद में उनके वालिद शाहिद मुर्तजा ने भी जारी रखा। इस अवसर पर हाफिज मोहम्मद आजम ने बताया कि वे छियत्तर सालों से हुए लगातार इस शबीना में शामिल हो रहे हैं, जिसमें देश के विभिन्न जिलों और शहरों से हाफिज, कारी कुरान शरीफ की तिलावत करते हैं और उनकी तीसरी पीढ़ी इसमें शामिल हो रही है। उनके पोते नुरुल्लाह व अहमदुल्लाह भी इस बार इस शबीना ने में शामिल हो रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय शायर अफजल मंगलौरी, डॉक्टर नैयर काजमी ने हाफिज और कारी हजरात का इस्तकबाल किया और बाद में देश की अमनों-सलामती की दुआ की गई। डॉ० नैयर काजमी ने बताया कि पूरी रात में मुकम्मल कुरान शरीफ का नबी ए पाक तथा साबिर पाक को सवाब पहुंचाने के साथ ही हाफिज सैयद अब्दुल्लाह काजमी की तिलावत से समापन और शबीना की शुरुआत नुरुल्लाह काजमी की तिलावत से की गई। इस अवसर पर सैयद सलमान, शाहिद कुरैशी, असदुद्दीन इंस्पेक्टर, असादुल्लाह, असदुद्दीन जमा, असगर कुरैशी, अज्जू साबरी आदि मौजूद रहे।









