देहरादून

उत्तराखंड एडीजी डॉo वीo मुरुगेशन एनडीपीएस लंबित मामलों को लेकर हुए सख्त

वीडियो कॉन्फ्रेंस कर समस्त जनपद प्रभारियों को दिए गए लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) देहरादून। उत्तराखंड अपर पुलिस महानिदेशक डॉo वीo मुरुगेशन द्वारा प्रदेश में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु आज वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त जनपदों के पुलिस प्रभारियों, एसटीएफ, एवं परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ कई मामलों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। जिसमें एनडीपीएस के लंबित मामलों को लेकर सख्ती दिखाते हुए अपराध एवं कानून व्यवस्था द्वारा समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। वहीं वाणिज्यिक मात्रा के लंबित मामलों की समीक्षा ड्रग्स नेटवर्क तोड़ने के भी कड़े निर्देश दिए गए इसी के साथ देवभूमि उत्तराखंड में बढ़ती अवैध नशा तस्करी पर शिकंजा कसने हेतु कड़ा रुख अपनाते हुए अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था द्वारा पुलिस प्रभारियों को निर्देशित किया कि नशा तस्करी करने वालों पर गैंगस्टर एक्ट सहित संपत्ति जब्ती तक की कार्रवाई की जाए ।वहीं एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत वाणिज्यिक मात्रा में बरामदगी से संबंधित लंबित विवेचनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड द्वारा 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित वाणिज्यिक मात्रा संबंधी अभियोगों का निर्धारित समय सीमा के अंदर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं गढ़वाल परिक्षेत्र के जनपदों के कुल 33 तथा कुमाऊं पर क्षेत्र के 44 वाणिज्यिक मात्रा से संबंधित लंबित मामलों की अभियोगवार गहन समीक्षा करते हुए साक्ष्यों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट, पिट एनडीपीएस एक्ट, तथा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई करने हेतु धारा 68 के अंतर्गत संपत्ति अधिग्रहण की कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए। अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा बताया गया कि नशा तस्करी में गिरफ्तारी करने के उपरांत मुख्य ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त कर कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों को भी ऐसे अभियोगों का समय-समय पर निकट पर्यवेक्षक कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान समस्त पुलिस प्रभारियों को भारत सरकार के संबंधित पोर्टल का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अभ्यस्त अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। गोष्ठी के दौरान पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड को जनपदों में पंजीकृत वाणिज्यिक मामलों की विवेचनात्मक कार्यवाही की नियमित समीक्षा कर अद्यतन प्रगति से अवगत कराने हेतु निर्देशित किया गया एसटीएफ में स्थापित प्रदेश स्तरीय एएनटीएफ को एनडीपीएस एक्ट से संबंधित समस्त सूचनाओं का व्यवस्थित अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। वहीं अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा स्पष्ट किया गया कि नशा तस्करी के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता लापरवाही अथवा मिलीभगत पाए जाने पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिन मामलों में मादक पदार्थ की रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत भी विवेचना लंबित है उनकी समय से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अवशेष विवेचनात्मक कार्यवाही पूर्ण करने हेतु विवेचकों को एक माह की समय अवधि प्रदान की गई वहीं उत्तराखंड अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा जनपद हरिद्वार के 02 प्रकरणों तथा देहरादून के 01एवं जनपद नैनीताल के 01 प्रकरण में अन्वेषण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विवेचकों के विरुद्ध प्रारंभिक जांच कर नियमानुसार विभागीय कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही समस्त क्षेत्राधिकारियों को भी पर्यवेक्षक का स्तर सुधारने हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान समीक्षा गोष्ठी में डॉ0 नीलेश आनंद भरणे पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड, सुनील कुमार मीणा पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड तथा धीरेंद्र गुंज्याल पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड उपस्थित रहे।

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