कुंभ-2027 की तैयारियों पर मुख्य सचिव सख्त, कहा निर्माण कार्यों में देरी और गुणवत्ता से समझौता नहीं
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को धरातल पर परखने के लिए मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद वर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ अरबेनिया वाहन में सवार होकर मुख्य सचिव रोड़ी-बेलवाला से रोशनाबाद, कनखल, दक्षद्वीप, बैरागी कैंप होते हुए सीसीआर-2 तक पहुंचे और एक-एक निर्माण स्थल पर कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं तथा निर्धारित समयसीमा की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े किसी भी निर्माण कार्य में समयसीमा और गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। जिन परियोजनाओं की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनकी नियमित निगरानी करते हुए बाधाओं को तत्काल दूर कराया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मानव संसाधन और मशीनरी उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सड़क, पुल, घाट, पैदल मार्ग, पेयजल, स्वास्थ्य, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े सभी कार्य समय से पूरे होना जरूरी है। निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय नागरिकों की सुविधा, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्य सचिव ने रोड़ी-बेलवाला क्षेत्र में उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की प्रशासनिक मार्ग परियोजना तथा रोड़ी-बेलवाला एवं हरकी पैड़ी क्षेत्र की पुनर्विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के तहत निर्मित परिसंपत्तियों एवं विकसित व्यवस्थाओं की पांच वर्ष की अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद उनके स्थायी रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग अथवा निकाय को सौंपने की व्यवस्था अभी से तैयार की जाए। इसके लिए मेलाधिकारी को संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक मार्ग निर्माण के लिए शासन द्वारा ₹4325.14 लाख तथा हरकी पैड़ी रिवाइटलाइजेशन कार्य के लिए ₹6677.21 लाख की धनराशि स्वीकृत है। मुख्य सचिव ने हाथीपुल से अलकनंदा के मध्य घाटों के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मजबूत रेलिंग और चेन की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा पैदल आवागमन को सुगम बनाने के निर्देश दिए।
ऋषिकुल क्षेत्र में मुख्य सचिव ने ओल्ड दिल्ली-नीतिपास मार्ग के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात और स्थानीय आवागमन को ध्यान में रखते हुए निर्माण के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। सड़क किनारे विकसित किए जा रहे फुटपाथ और उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कर हरियाली विकसित करने पर भी जोर दिया। दूधाधारी चौक से ज्वालापुर सहित लोक निर्माण विभाग के अधीन शहर की अन्य आंतरिक सड़कों के नवीनीकरण के लिए ₹2164.49 लाख की धनराशि स्वीकृत है।
इसके बाद शिवमूर्ति चौक, शंकर आश्रम चौक तथा भगत सिंह चौक से विल्केश्वर तक चौराहों के सुधार एवं पैडेस्ट्रीयन फुटपाथ कार्य का निरीक्षण किया गया। 683.60 लाख की लागत वाली इस परियोजना में पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
रोशनाबाद में मुख्य सचिव ने ₹251.98 लाख की लागत से निर्माणाधीन ड्रग वेयरहाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद दक्षद्वीप स्थित बैरागी क्षेत्र में निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान पुल का निरीक्षण किया गया। ₹1246.09 लाख की लागत वाली इस परियोजना की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी लेते हुए मुख्य सचिव ने गुणवत्ता के साथ कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सीसीआर-2 भवन का निरीक्षण करते हुए कुंभ मेला शुरू होने से पहले भवन को हर हाल में तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार दिन-रात कार्य कराकर निर्माण की गति बढ़ाने को कहा। साथ ही भवन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद डाम कोठी में कुंभ मेला एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में विभागवार निर्माण कार्यों और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त टीयूवी एसयूडी साउथ एशिया प्रा.लि, क्वालिटी ऑस्ट्रिया सेंट्रल एशिया प्रा. लि. तथा ब्यूरो वेरिटास (इंडिया) प्रा. लि. के टीम लीडर्स से गुणवत्ता जांच की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गुणवत्ता जांच लगातार और सख्ती से की जाए तथा किसी भी स्तर पर कमी मिलने पर तत्काल उसका निराकरण कराया जाए। एनएच परियोजनाओं के कारण प्रभावित होने वाले पार्किंग स्थलों और डायवर्जन मार्गों के लिए वैकल्पिक मार्ग एवं पुलों की योजनाओं की भी जानकारी ली गई। साथ ही भीड़ प्रबंधन को लेकर संभावित परिस्थितियों के आधार पर ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा कि कुंभ मेला-2027 की सफलता के लिए सभी विभागों का समन्वित प्रयास जरूरी है। अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सुविधा, सुरक्षा, सुगमता और स्वागत की सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु हरिद्वार से बेहतर अनुभव लेकर लौटें। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने मुख्य सचिव को निर्माण कार्यों एवं अन्य तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि सभी कार्य निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और प्रगति एवं गुणवत्ता की बहुस्तरीय निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कुंभ क्षेत्र के पुलों का सुरक्षा ऑडिट संबंधित विभागों द्वारा कराया जा चुका है तथा आईआईटी रुड़की से भी पुलों की जांच कराने का आग्रह किया गया है। सीसीआर-2 भवन की गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त एजेंसी के अतिरिक्त केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान से भी गुणवत्ता जांच कराने का निर्णय लिया गया है। निरीक्षण एवं बैठक के दौरान आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका, आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









