बुद्ध पूर्णिमा स्नान को लेकर सख्त सुरक्षा कवच—एसएसपी नवनीत सिंह की ब्रीफिंग, 8 जोन-21 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र
रजत चौहान प्रधान सम्पादक
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह की अगुवाई में आयोजित व्यापक ब्रीफिंग में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। ऋषिकुल ऑडिटोरियम में हुई इस ब्रीफिंग में प्रशासनिक अधिकारियों, जोनल व सेक्टर प्रभारियों सहित पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स को विस्तार से जिम्मेदारियां सौंपी गईं। ब्रीफिंग के दौरान स्नान पर्व के नोडल अधिकारी एसपी सिटी अभय सिंह ने श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षित स्नान और सुचारू निकासी को लेकर तैयार की गई रणनीति साझा की। वहीं एसपी ट्रैफिक/क्राइम निशा यादव ने स्पष्ट किया कि भीड़ के अनुसार यातायात प्लान को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। एसएसपी नवनीत सिंह ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण कर शेष कमियों को तत्काल दूर करें और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के चलते इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है, ऐसे में पुलिस बल को मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार रहना होगा। मेला क्षेत्र को 8 जोन और 21 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी अधिकारी स्नान समाप्ति तक अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहेंगे और हर अपडेट मेला कंट्रोल रूम को देते रहेंगे। सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सड़क किनारे कोई भी वाहन पार्क नहीं होगा—सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेला क्षेत्र पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। कंट्रोल रूम को सीमावर्ती जिलों से यातायात की जानकारी लेकर जरूरत के अनुसार वैकल्पिक रूट लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीसीआर में ‘खोया-पाया सेल’ भी स्थापित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था के तहत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी, निरीक्षक, उपनिरीक्षक, महिला पुलिस, पीएसी, अर्धसैनिक बल, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, जल पुलिस, फायर यूनिट और आपदा राहत दल शामिल हैं। कुल मिलाकर प्रशासन ने बुद्ध पूर्णिमा स्नान को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का मजबूत खाका तैयार कर लिया है, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से स्नान कर सकें।









