वफादारी और सेवा की मिसाल बनी अश्व शालू, नम आंखों से पुलिस परिवार ने दी अंतिम विदाई
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। पुलिस परिवार के लिए आज का दिन बेहद भावुक रहा। घुड़सवार पुलिस लाइन बैरागी कैंप में तैनात मादा अश्व “शालू” ने लंबी बीमारी से संघर्ष के बाद 15 वर्ष 6 माह की आयु में अंतिम सांस ली। पैर में लाई लाज बीमारी से पीड़ित शालू ने तड़के दुनिया को अलविदा कह दिया, जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। शालू केवल एक अश्व नहीं थी, बल्कि हरिद्वार पुलिस की एक भरोसेमंद साथी और अनुशासन की पहचान बन चुकी थी। वर्ष 2016 से जनपद हरिद्वार में तैनात शालू ने लगभग एक दशक तक अपनी सेवाएं देते हुए कई महत्वपूर्ण आयोजनों में जिम्मेदारी निभाई। शांत स्वभाव, सजगता और उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण वह पुलिस कर्मियों के बीच विशेष स्थान रखती थी। कुंभ मेला-2021, कांवड़ मेला, स्नान ड्यूटी, शांति व्यवस्था, राज्य स्थापना दिवस रैतिक परेड जैसे बड़े आयोजनों में शालू ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाकर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में अहम योगदान दिया। कठिन परिस्थितियों में भी उसकी कार्यनिष्ठा और संयम पुलिस विभाग के लिए प्रेरणास्रोत रहे। बैरागी कैंप स्थित घोड़ा पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ शालू का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एसएसपी नवनीत सिंह सहित पुलिस परिवार के अनेक अधिकारी और जवान मौजूद रहे। अंतिम विदाई के समय कई पुलिसकर्मी भावुक नजर आए और अपनी प्रिय साथी को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। शालू की विदाई ने यह साबित कर दिया कि कर्तव्य, वफादारी और समर्पण केवल इंसानों तक सीमित नहीं होते। वर्षों तक पुलिस परिवार का हिस्सा रही शालू हमेशा अपनी सेवाओं और शांत स्वभाव के लिए याद की जाएगी।









