हरिद्वार

Video: मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल-2026 का शुभारंभ, महिलाओं को मिला सम्मान

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत चौपाल-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है, जबकि 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को उद्यमिता और आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने देहरादून के आईटी पार्क स्थित 13 गांव में प्रदेश के सभी जनपदों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा भी की। हरिद्वार में कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। मुख्य अतिथि रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से देखा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि विधायक आदेश चौहान एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने संयुक्त रूप से IEC वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), REAP तथा ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएगी। विधायक आदेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

सरकार का उद्देश्य हर घर तक स्वरोजगार के अवसर पहुंचाना है। उन्होंने युवाओं एवं महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में योजना से जुड़कर अपना उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार जनपद में अब तक 600 से अधिक उद्यमियों को जीएसटी पंजीकरण, उद्यम रजिस्ट्रेशन, फूड लाइसेंस, ट्रेडमार्क सहित अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ दिया जा चुका है। साथ ही 4,000 से अधिक लोगों का नामांकन किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौपालों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को योजना से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

परियोजना निदेशक डीआरडीए नलिनी घिड़ियाल ने विभागीय योजनाओं एवं जिले में संचालित नई गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि क्लाउड किचन पहल के माध्यम से 40 से अधिक महिलाओं ने अपना व्यवसाय शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की अन्य गतिविधियों के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से लाभार्थियों का आवश्यक दस्तावेजीकरण पूरा कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। चौपाल में 100 से अधिक युवा, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं एवं उद्यमी मौजूद रहे। इस अवसर पर एलडीएम दिनेश गुप्ता, परियोजना अर्थशास्त्री शैलेंद्र श्रीवास्तव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, इंक्यूबेशन मैनेजर योगेंद्र सिंह, बिजनेस प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्सपर्ट राव आशकर, MUY प्रतिनिधि सूरज रतूड़ी, डीटीई, एनआरएलएम से काम सिंह, प्रकाश बिष्ट, REAP परियोजना, उद्योग विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button