तीर्थ नगरी हरिद्वार आगामी कुम्भ मेला की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस महानिरीक्षक (कुम्भ) के नेतृत्व में गोष्ठी आयोजित
सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बिंदुओं पर हुआ विशेष मंथन
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश पसरीचा) हरिद्वार। हरिद्वार में आगामी कुम्भ मेला की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड पुलिस प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने हेतु कड़े प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के कुशल दिशा निर्देशन में सुरक्षा के दृष्टिगत कई महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही हैं। वहीं बुधवार को सीसीआर में गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें डा० योगेन्द्र सिंह रावत पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला हरिद्वार द्वारा कुम्भ मेला हरिद्वार स्थित कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था के परिपेक्ष्य में कुम्भ मेला पुलिस अधिकारियों की गोष्ठी ली गई। जिसमें आईजी कुम्भ द्वारा गोष्ठी में कुम्भ मेला 2027 में आपदा प्रबंधन योजना, भीड़ नियंत्रण योजना, यातायात प्रबंधन योजना, अग्निशामक योजना, सुरक्षा व्यवस्था तथा कुम्भ मेला के संचार योजना के संबंध में तैयार की गई। इसके अतिरिक्त कुंभ मेला के दौरान स्थापित होने वाली पुलिस लाइन तथा यातायात पुलिस लाइन में प्रचलित कार्यों, कुंभ मेला में नियुक्त होने वाले पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों की आवासीय व्यवस्था एवं मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के संबंध प्रचलित कार्यों की समीक्षा की गई। वहीं आईजी कुम्भ मेला द्वारा उपस्थित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगणों को निर्देशित किया गया कि प्रचलित कार्यों को समयबद्ध पूर्ण कराया जाए तथा तैयार किए गए मॉक ड्रिल कैलेंडर के अनुरूप कार्यवाही समय से सुनिश्चित की जाए।
आई जी कुम्भ मेला डा० योगेन्द्र सिंह रावत ने गोष्ठी के दौरान स्पष्ट किया कि कुम्भ मेला में सुरक्षा व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी पूर्ण जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ सेवाएं प्रदान करें। इस अवसर पर श्री आयुष अग्रवाल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ मेला हरिद्वार, अपर पुलिस अधीक्षक कुंभ राजेश भट्ट, अपर पुलिस अधीक्षक पुलिस दूरसंचार विपिन कुमार, पुलिस उपाअधीक्षक पुलिस दूरसंचार अरुण पाल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव, पुलिस उपाधीक्षक कुंभ मेला पुलिस लाइन वेद प्रकाश भट्ट, पुलिस उपाधीक्षक यातायात कुंभ मेला उमेश मलिक, प्रभारी निरीक्षक यातायात हितेश कुमार सहित समस्त शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।









