सड़क पर सवारी बैठाने-उतारने वाले ऑटो-विक्रम पर कार्रवाई तेज
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार में रेलवे स्टेशन और बस अड्डा क्षेत्र में बढ़ती यातायात समस्या से आमजन, यात्रियों और श्रद्धालुओं को राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण में सामने आई संस्तुतियों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती आवाजाही और सड़कों पर वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा के अनुसार, रेलवे स्टेशन के गेट संख्या-2 और गेट संख्या-6 के बीच स्थित डिवाइडर कटों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। इसका उद्देश्य वाहनों के अनावश्यक यू-टर्न और विपरीत दिशा में आवागमन पर रोक लगाना है, जिससे क्षेत्र में यातायात सुचारु रहे और जाम की समस्या को कम किया जा सके। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए देवपुरा चौक से शिवमूर्ति चौक तक नो ई-रिक्शा जोन घोषित करने की योजना है। इस संबंध में पुलिस विभाग के स्तर पर आवश्यक आदेश जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्ताव लागू होने के बाद रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के सामने मुख्य मार्ग पर ई-रिक्शा के अनियंत्रित आवागमन को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान और उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए क्षेत्र में चार ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने और नियमों के उल्लंघन की निगरानी करने में सहायता मिलेगी। रेलवे स्टेशन और बस अड्डा क्षेत्र में निर्धारित स्थानों के बजाय सड़क पर ही सवारियां बैठाने और उतारने वाले ऑटो एवं विक्रम चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई जारी है। पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ परिवहन विभाग की मोबाइल प्रवर्तन टीमें भी नियमित निरीक्षण कर रही हैं। त्योहारी सीजन को देखते हुए निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
प्रस्तावित नो ई-रिक्शा जोन में प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करने के लिए छह होमगार्ड जवानों की तैनाती का प्रस्ताव भी दिया गया है। इससे प्रतिबंध लागू होने के बाद क्षेत्र में निगरानी और नियमों का पालन कराने में मदद मिलेगी। संयुक्त निरीक्षण में रेलवे स्टेशन के गेट संख्या-2 से वाहनों के प्रवेश और गेट संख्या-6 से निकास की व्यवस्था लागू करने सहित अन्य सुझाव भी दिए गए हैं। इसके साथ ही सवारियों को निर्धारित स्थानों पर ही बैठाने और उतारने तथा वाहनों के व्यवस्थित संचालन पर जोर दिया गया है। इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। यातायात व्यवस्था विकसित करना है, ताकि स्थानीय नागरिकों, यात्रियों और श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिल सके। प्रशासन ने ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा चालकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा निर्धारित स्थानों पर ही सवारियां बैठाने और उतारने की अपील की है।









