डीएम मयूर दीक्षित ने जिला पर्यटन कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, चारधाम पंजीकरण केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने मंगलवार को जिला पर्यटन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालय की व्यवस्थाओं, कार्यप्रणाली और भवन एवं परिसर की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय परिसर में संचालित चारधाम यात्रा पंजीकरण केंद्र का भी निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चारधाम यात्रा पंजीकरण केंद्र पर यात्रियों के पंजीकरण की व्यवस्था, प्रक्रिया और सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई, रखरखाव, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, सूचना पट्टों सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय परिसर को हमेशा स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित रखा जाए तथा यात्रियों और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल से जनपद में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और विभागीय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी विकास कार्यों को गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को देखते हुए यहां के पर्यटन एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों को और अधिक विकसित एवं आकर्षक बनाया जाए। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके। जिलाधिकारी ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, होम स्टे योजना सहित पर्यटन विभाग की अन्य योजनाओं का अधिक से अधिक पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पर्यटन आधारित स्वरोजगार से जोड़कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की प्रमुख आस्था एवं पर्यटन नगरी है। ऐसे में पर्यटन विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, पर्यटन स्थलों का समुचित विकास और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता, सुविधा और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।









