ऋषिकेश में साइबर ठगी के नेटवर्क पर हरिद्वार श्यामपुर पुलिस का शिकंजा, 18 म्यूल खातों का कनेक्शन खुला
फिरोज अहमद समाचार सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) । साइबर ठगी के खिलाफ हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई में शुक्रवार को ‘मगध साइबर गैंग’ के ऋषिकेश नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर गैंग के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले बलिया निवासी सागर पाण्डेय को मायाकुंड क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने के एवज में मोटा कमीशन लेता था।
कोतवाली श्यामपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 100/2026 में वांछित आरोपी सागर पाण्डेय की तलाश में पुलिस टीम ने डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की। चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड में लोकेशन मिलने के बाद टीम ने घेराबंदी कर काले रंग की स्कूटी से जा रहे आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि मूल रूप से ग्राम सिकंदपुर, जिला बलिया निवासी सागर पाण्डेय ऋषिकेश में रहकर पूर्व में गिरफ्तार मगध साइबर गैंग के सरगना कृष्णा पाण्डेय के संपर्क में था।
वहीं इस बाबत पर श्यामपुर थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने बताया कि आरोपी स्थानीय लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और बाद में इन खातों को साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए गैंग को उपलब्ध कराता था। पूछताछ में आरोपी ने विशाल और श्याम नामक व्यक्तियों के कुल 18 बैंक खाते गैंग को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। इसके बदले उसे भारी कमीशन मिलता था।
साथियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल से व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और साथियों के नंबर तक डिलीट कर दिए थे। हालांकि, तकनीकी जांच में पुलिस ने उसके मोबाइल की गैलरी से विशाल के नाम दर्ज बैंक खाते की फोटो समेत अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपी के कब्जे से रियलमी मोबाइल फोन और बैंक खातों व चैट से संबंधित रिकवर्ड डिजिटल दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चौकी प्रभारी चंडीघाट देवेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल विनित कुमार, राहुल देव, वसीम तथा सीआईयू हरिद्वार की टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि अंतर्राज्यीय साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।









