हरिद्वार

क्लाउड किचन से सशक्त होंगी महिलाएं, हरिद्वार में रोजगार का नया मॉडल तैयार

गगन शर्मा सह सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा क्लाउड किचन प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में चल रहे इस कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारंभ सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेटर सेंटर में दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि क्लाउड किचन मॉडल के माध्यम से महिलाएं घर बैठे स्वरोजगार स्थापित कर सकती हैं और अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को घर जैसा भोजन उपलब्ध कराने की मांग को देखते हुए यह पहल शुरू की गई है, जिससे महिलाओं को रोजगार और कामगारों को गुणवत्तापूर्ण भोजन दोनों लाभ मिलेंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण में 25 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था, जिनके द्वारा “गंगा रसोई” नाम से क्लाउड किचन का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में दूसरे चरण के तहत जनपद के सभी विकास खंडों से चयनित 30 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), आरसेटी और संबंधित टीमों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उद्यम पंजीकरण, फूड लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी भी दी जाएगी, साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। लीड बैंक अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन पंजाब नेशनल बैंक की सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत किया जा रहा है।

कार्यक्रम में निदेशक आरसेटी शिव कुमार, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना, अमित शर्मा, राव आशकर, योगेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाएं मौजूद रहीं।

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