क्रिकेट के जुनून में घर से निकला मासूम, 15 दिन बाद दिल्ली से सकुशल मिला
फिरोज अहमद समाचार सम्पादक

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। हरिद्वार जिले के रुड़की से लापता हुआ 14 वर्षीय बालक आखिरकार 15 दिन बाद सकुशल बरामद हो गया। इस मामले ने जहां शुरुआत में परिजनों की सांसें अटका दी थीं, वहीं खुलासा होने पर कहानी ने सभी को हैरान कर दिया। बालक किसी डर या दबाव में नहीं, बल्कि क्रिकेट खेलने के अपने जुनून को पूरा करने के लिए घर से निकला था। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने गंगनहर कोतवाली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 26 मार्च को बालक के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। ऑपरेशन स्माइल के तहत चार विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अमृतसर तक सघन तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर तलाश की, शेल्टर होम और सोशल मीडिया तक हर संभावित माध्यम का इस्तेमाल किया। लगातार मेहनत के बाद पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली, जब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि बालक क्रिकेटर बनने का सपना लेकर घर से निकला था और इस दौरान वह दिल्ली, मथुरा, वृंदावन, अमृतसर और राजस्थान तक घूमता रहा। गनीमत रही कि इतने लंबे सफर के बावजूद उसके साथ कोई अनहोनी नहीं हुई। फिलहाल पुलिस ने बालक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बेटे के सकुशल मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार जताया। यह घटना एक ओर पुलिस की सतर्कता और मुस्तैदी को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर यह भी सीख देती है कि बच्चों के सपनों को समझना, उनसे खुलकर संवाद करना और सही मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है।









