जनगणना कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश
नीटू कुमार हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। जनपद में आगामी जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को अधिकारियों और कार्मिकों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूची उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं गणना) का कार्य उत्तराखंड में 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) 09 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा। उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध राष्ट्रीय कार्य है, जिसे निर्धारित अवधि में पूरा करना अनिवार्य है। यह कार्य पर्यवेक्षकों और प्रगणकों के माध्यम से घर-घर जाकर किया जाता है, जिसके लिए पर्याप्त संख्या में कार्मिकों की उपलब्धता जरूरी है।
जिलाधिकारी ने चिंता जताई कि कुछ विभागों द्वारा अभी तक आवश्यक कार्मिकों की सूची चार्ज जनगणना अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे पर्यवेक्षकों और प्रगणकों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इन कार्मिकों का प्रशिक्षण 10 अप्रैल 2026 से प्रस्तावित है।
शासन द्वारा जनपद के सभी तहसीलदार, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा नगर निगम के सहायक नगर आयुक्तों को चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सभी विभागों से अपेक्षा की है कि वे जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करें, ताकि यह महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया समयबद्ध और व्यवस्थित रूप से पूर्ण हो सके।









