अकोढ़ा खुर्द में बड़ा घोटाला उजागर, डीएम मयूर दीक्षित की सख्त कार्रवाई, ग्राम प्रधान बर्खास्त
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जनपद में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द, विकास खंड लक्सर में हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द की कश्यप बस्ती में सीसी सड़क निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग किए जाने की शिकायत पर सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जांच आख्या प्रस्तुत की गई थी। इसके आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया। जांच के दौरान ग्राम पंचायत के अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का विस्तृत परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों, विशेषकर सीसी सड़क निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं की गईं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी, स्वीकृत मानकों की अनदेखी तथा सड़क किनारे नाली निर्माण में तकनीकी त्रुटियां सामने आईं। इसके अलावा कई स्थानों पर एक ही सड़क को अलग-अलग दर्शाकर भुगतान किए जाने जैसी गंभीर वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गईं। जांच के दौरान बैंक पासबुक, कैशबुक, स्टॉक रजिस्टर, कार्य पंजिका एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 से संबंधित अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे अभिलेखों के रख-रखाव में गंभीर लापरवाही स्पष्ट हुई।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं और वास्तविक कार्यों के बीच भी भारी विसंगतियां पाई गईं। कई कार्यों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में दर्शाया गया, जबकि उनका भुगतान एवं क्रियान्वयन बाद के वर्षों में किया गया। योजनाओं के चयन एवं अनुमोदन में भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ निर्माण कार्य निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए, जिनमें सार्वजनिक हित की अनदेखी की गई। कई सड़कों का निर्माण निजी भूमि अथवा व्यक्तिगत पहुंच मार्ग के रूप में कराया गया, जो नियमों के विरुद्ध पाया गया। प्रकरण में ग्राम प्रधान श्रीमती बसंती देवी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया तथा आरोपों का समुचित खंडन नहीं किया जा सका। जांच में ग्राम निधि के दुरुपयोग एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता की पुष्टि हुई।









