सोमवती अमावस्या पर आस्था का सैलाब, प्रशासन और पुलिस की सतर्क मुस्तैदी
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट, सुभाष घाट और कुशा घाट सहित प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। स्नान पर्व को सकुशल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं विभिन्न घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक क्षेत्र में नोडल अधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए थे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। विशेष ध्यान इस बात पर दिया गया कि किसी भी स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्र न होने पाए तथा श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारु रूप से चलता रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनज़र मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की गई। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया। घाटों पर बैरिकेडिंग, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और दिशा-निर्देशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाता रहा। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन व्यवस्था के साथ-साथ पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोककर श्रद्धालुओं को शटल सेवाओं के माध्यम से घाटों तक पहुंचाया गया। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्नान पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और किसी भी संभावित अप्रिय घटना की रोकथाम के लिए पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए। प्रशासन और पुलिस की समन्वित कार्यशैली के चलते सोमवती अमावस्या का यह महत्वपूर्ण स्नान पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।









