भारी बारिश के बीच हरिद्वार हाई अलर्ट पर दो की मौत, चार घायल, बाणगंगा में फंसे ग्रामीणों का सफल रेस्क्यू
फिरोज अहमद समाचार सम्पादक
हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) हरिद्वार। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत द्वारा जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार जिले में मौसम बादलों से घिरा हुआ है और सभी प्रशासनिक व्यवस्थाएं सामान्य व नियंत्रण में हैं। हालांकि बीते दो दिनों में डूबने, सड़क दुर्घटना और मकान ढहने जैसी घटनाओं में दो लोगों की मौत व चार महिलाएं घायल हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार 10 जुलाई को खानपुर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर के पास तालाब में नहाने के दौरान लालचंदवाला गांव निवासी 16 वर्षीय समद की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया और आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया। इसी दिन सिडकुल थाना क्षेत्र में राजा बिस्कुट फैक्ट्री के पास ट्रक और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत में शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश निवासी 17 वर्षीय रिशु की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना तत्काल सिडकुल पुलिस को दी गई।
उधर, अत्यधिक वर्षा के चलते रुड़की तहसील के लण्ढौरा स्थित रविदास बस्ती में एक मकान की दीवार धंसने से उसकी छत भरभराकर गिर गई। हादसे में शाहिस्ता 25 वर्ष आयशा 10 वर्ष, अलतमास 35 वर्ष और गरीवनी 70 वर्ष घायल हो गईं। सभी घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल रुड़की में भर्ती कराया गया है। शनिवार को खानपुर क्षेत्र में बाणगंगा नदी के बीच कुछ ग्रामीण और उनके मवेशी फंस गए थे। सूचना मिलते ही स्थानीय आपदा मित्र कुलदीप कुमार और ओमप्रकाश ने साहस व तत्परता का परिचय देते हुए सभी ग्रामीणों और उनके पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार जिले के सभी प्रमुख मार्ग, संपर्क सड़कें और पुल सुरक्षित हैं तथा यातायात पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। उन्होंने ने बताया डीएम मयूर दीक्षित ने भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारो व जिला स्तरीय अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही तत्काल राहत वं बचाव अभियान शुरू किया जाए और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुग्रह सहायता राशि व अन्य आवश्यक सहायता बिना विलंब उपलब्ध कराई जाए।









