हरिद्वार

शारदीय नवरात्र की दुर्गाअष्टमी पर घर घर हुआ कन्या पूजन

रवि चौहान हरिद्वार संवाददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रवि चौहान) हरिद्वार। शारदीय नवरात्रि के आज अष्टमी पूजन पर घर घर में कन्या पूजन किया गया। लोगों ने घरों और मंदिरों में कन्याओं को जिमाकर अपने अपने व्रत पूर्ण किए। वहीं, शारदीय नवरात्रि की दुर्गाअष्टमी पर श्रवणनाथ नगर स्थित श्री तारकेश्वर धाम में महंत निर्मल दास महाराज ने कन्याओं का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और उन्हें उपहार भेंट किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कन्याएं पवित्रता, सरलता और निश्चलता का प्रतीक होती है। उनके घर में आगमन और प्रसन्नता से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख- शांति का वास होता है। नवरात्रि पर्व सभी के जीवन में खुशियां लेकर आता है। माता के बाल स्वरूप में कन्यायें साक्षात मां भगवती का अवतार है। कन्याओं को सृजन की प्राकृतिक शक्ति की अभिव्यक्ति माना जाता है। कन्या पूजन से व्यक्ति के जीवन में धन-धान्य, सुख समृद्धि का वास होता है। माता प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। प्रत्येक श्रद्धालु भक्त पर माता अपनी कृपा बरसाती है। महंत रविदेव शास्त्री महाराज ने कहा कि बाल स्वरूप कन्याओं का पूजन प्रत्येक श्रद्धालु भक्त को अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान पवित्र मन से की गई आराधना व्यक्ति का जीवन भवसागर से पार लगाती है। उसके कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। नवरात्र पर्व आत्मकल्याण और आत्म शुद्धि की अवधि है। माता के सभी स्वरूपों का आशीर्वाद साधक को प्राप्त होता है। इसलिए यदि व्यक्ति को अपना जीवन सफल बनाना है तो मां के शरणागत अवश्य आना चाहिए। कहा कि मां की शक्ति संसार में अपरंपार है अपनी शरण में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु भक्त का माता कल्याण कर उसके जीवन की सभी दुश्वारियां का शमन कर उसे यश, कीर्ति प्रदान करती हैं। मन की पवित्रता और आत्मशुद्धि के लिए नवरात्रि से बड़ा कोई पर्व नहीं है। इस दौरान स्वामी प्रकाशानंद, आचार्य रामचंद्र, पंडित प्रकाश उप्रेती, आचार्य योगेंद्र मिश्रा, आचार्य अजीत त्रिपाठी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button