हरिद्वार

शहर की सफाई: शिकायत से सहभागिता तक

सिर्फ प्रशासन नहीं, हम भी हैं बदलाव का हिस्सा: शिवानी गौर

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(लेखिका) हरिद्वार। कनखल में तेज बारिश के बाद जलभराव, कचरा और दुर्गंध आम समस्या बन जाते हैं। इसके लिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नालियों की नियमित सफाई, प्रभावी कूड़ा उठान और जलभराव का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे। कूड़ा उठाने वाले कूड़ा नलियोंके पास ही रख देते है, कुछ समय बाद कूड़ा वापस नालियों में चला जाता है।

नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है
सड़क, खाली स्थान या नाली में कूड़ा डालना जलभराव की समस्या बढ़ाता है। पालतू पशुओं की गंदगी साफ करना और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना हमारी नागरिक जिम्मेदारी है।

स्वच्छता केवल सफाई
कर्मचारियों का काम नहीं, बल्कि एक आदत और नागरिक संस्कार है। प्रशासन को जवाबदेह व्यवस्था बनानी होगी, और नागरिकों को उसका सहयोग करना होगा। हमें केवल शिकायत करने के बजाय संबंधित विभागों को सूचना देनी चाहिए, जागरूकता फैलानी चाहिए और सामूहिक प्रयास करने चाहिए। बदलाव छोटे, जिम्मेदार कदमों से शुरू होता है। अपने घर को साफ रखना अच्छी आदत है लेकिन हमारे आसपास की स्वच्छता की जिम्मेदारी भी हमें ही लेनी होगी। कनखल क्षेत्र के कुछ स्थान गंदगी का गढ़ बन चुके है। वहाँ रहने वाले नागरिकों का पहला कर्तव्य बनता है, कि वहां स्वच्छता रहे तथा गंदगी की न जाए इस बात का भी ध्यान रखा जाए।

गंदगी फैलाने वालों पर दंड का प्रावधान भी होना चाहिए, आइए संकल्प लें
1. कूड़ा सड़क या नाली में नहीं डालेंगे।
2. पालतू पशुओं की गंदगी स्वयं साफ करेंगे।
3. सफाई की समस्याओं की सूचना देंगे और समाधान में सहयोग करेंगे।
4. स्वच्छ शहर के लिए चाहिए—बेहतर व्यवस्था, जिम्मेदार नागरिक और निरंतर सहभागिता।

अब सवाल यह नहीं कि शहर को साफ कौन करेगा, बल्कि यह है “शहर को साफ रखने में मेरा योगदान क्या है?” शिकायत जरूरी है, लेकिन कर्तव्य बोध भी आवश्यक है।

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