हरिद्वार

साबिर पाक के उर्स में मौत का कुआं बना रोमांच का केंद्र, जर्जर ढांचे ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल

मोहम्मद आरिफ/जावेद अंसारी उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ/जावेद अंसारी) कलियर। साबिर पाक के उर्स में पहुंचने वाले जायरीनों और दर्शकों के लिए मौत का कुआं इन दिनों आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है। मौत के कुएं में तेज रफ्तार से दो मोटरसाइकिलों और दो कारों को दौड़ते देख दर्शक रोमांचित होने के साथ-साथ हैरान भी नजर आ रहे हैं। तेज गति से गोलाकार लकड़ी के ढांचे पर दौड़ते दोपहिया और चारपहिया वाहन लोगों के लिए किसी अचंभे से कम नहीं हैं। लेकिन इस रोमांच के बीच मौत के कुएं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो चुके हैं। मौत के कुएं को तैयार करने में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का ढांचा कई स्थानों पर कमजोर और जर्जर दिखाई दे रहा है। कई जगह लकड़ियां टूटी हुई और उखड़ी हुई नजर आ रही हैं। ऐसे में तेज रफ्तार से वाहन चलाए जाने के दौरान यदि किसी हिस्से में कमजोरी सामने आती है तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। मौत के कुएं में कलाकारों द्वारा जान जोखिम में डालकर करतब दिखाए जाते हैं। ऐसे में केवल कलाकारों की दक्षता ही नहीं, बल्कि पूरे ढांचे की मजबूती और सुरक्षा मानकों का पालन भी बेहद महत्वपूर्ण है। थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। दर्शकों की सुरक्षा भी सबसे बड़ी चिंता का विषय है। रोमांचक करतब देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौत के कुएं के आसपास मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी वाहन के नियंत्रण से बाहर होने या लकड़ी के ढांचे का कोई हिस्सा टूटने की स्थिति में दर्शकों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। मौत के कुएं को देख चुके दर्शकों का कहना है कि प्रशासन को केवल भीड़ और यातायात व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि मेले में लगाए गए ऐसे मनोरंजन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। मौत के कुएं के पूरे ढांचे की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए और जब तक सुरक्षा मानकों की पूरी तरह पुष्टि न हो, तब तक संचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि रोमांच और मनोरंजन जरूरी है, लेकिन लोगों की जान की कीमत पर नहीं। प्रशासन को मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौत के कुएं के लकड़ी के ढांचे और वहां अपनाए जा रहे सुरक्षा इंतजामों की जांच करनी चाहिए, ताकि रोमांचक प्रदर्शन कहीं किसी बड़ी दुर्घटना में तब्दील न हो जाए।

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