जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर चादर लेकर उमड़े जायरीन, वहीं भारी वाहनों की आवाजाही बनी चिंता
मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जिलेभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतों के अनुसार चादर लेकर साबिर पाक की दरगाह कलियर शरीफ की ओर रवाना हुए हैं। ज्वालापुर, बहादराबाद सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में जायरीन पैदल, दोपहिया और चारपहिया वाहनों से चादर लेकर कलियर शरीफ पहुंचते हैं। ज्वालापुर से बहादराबाद और बहादराबाद से कलियर शरीफ तक श्रद्धालुओं के जत्थे डीजे और धार्मिक नारों के साथ मार्ग से गुजरे हैं। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण इस मार्ग पर देर रात तक भीड़ और वाहनों का दबाव बना रहा है। ऐसे में इसी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही है। पैदल चलने वाले जायरीन, दोपहिया वाहन और चारपहिया वाहनों के साथ जब भारी वाहन भी उसी मार्ग से गुजरते हैं तो दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। जुलूस और चादर लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण सड़क पर जगह भी सीमित हो जाती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जश्ने मिलादुन्नबी जैसे धार्मिक अवसर पर बड़ी संख्या में लोग कलियर शरीफ पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन को पहले से ही यातायात व्यवस्था की ठोस योजना तैयार करनी चाहिए। खासकर जुलूस के निर्धारित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित अथवा डायवर्ट किया जाना चाहिए। जायरीनों की सुरक्षा को देखते हुए मांग उठ रही है कि चादर लेकर जाने वाले जुलूसों के लिए अलग रूट अथवा सुरक्षित बनाया जाए और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए। इससे एक ओर श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी। बड़ी संख्या में पैदल श्रद्धालु जब सड़क पर धार्मिक जुलूस के रूप में आगे बढ़ते हैं, उस दौरान भारी वाहनों का उनके बीच से गुजरना किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस को ज्वालापुर से कलियर शरीफ तक संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर यातायात कर्मियों की तैनाती करनी चाहिए। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आस्था और सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन को समय रहते यातायात व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर चादर लेकर कलियर शरीफ पहुंचने वाले किसी भी जायरीन को असुविधा न हो और संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।









