हरिद्वार

काठा पीर दरगाह की बदहाली पर उठी आवाज, व्यवस्था सुधारने और आय व्यय सार्वजनिक करने की भी मांग

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) लक्सर। ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र हजरत शाह मोहम्मद शाह उर्फ काठा पीर दरगाह में फैली अव्यवस्थाओं और जायरीनों की परेशानियों को लेकर स्थानीय लोगों ने आवाज उठाई है। ग्राम घिस्सुपुरा के सामाजिक कार्यकर्ता मौ० सलीम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी एसडीएम लक्सर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह की व्यवस्था सुधारने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में मौ सलीम सामाजिक कार्यकर्ता, मौ० मुस्तफा क्षेत्र पंचायत सदस्य और सुल्तानपुर के सामाजिक कार्यकर्ता सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि हाल की बारिश के कारण मुख्य मजारे शरीफ की छत से पानी टपक रहा है। दरगाह परिसर में बने मुसाफिरखानों के कमरों की दीवारों में भी काफी सीलन आ गई है। कई जगह फर्श टूटकर धंस गया है। जरूरी सुविधाएं नहीं होने के कारण दूर दराज से दरगाह पहुंचने वाले जायरीनों और अकीदतमंदों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य मजारे शरीफ की छत की तत्काल वाटरप्रूफिंग कराई जाए। मुसाफिरखानों की जर्जर दीवारों और टूटे फर्श की भी मरम्मत कराई जाए। जायरीनों के लिए साफ पेयजल, साफ सार्वजनिक शौचालय और पूरे दरगाह परिसर में नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए। दरगाह में आने वाले चढ़ावे, चंदे और आय व्यय का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। भविष्य में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए दरगाह के आसपास अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था की जाए, ताकि पार्किंग और अन्य जनसुविधाएं विकसित की जा सकें। रात के समय जायरीनों की सुरक्षा के लिए दरगाह परिसर में पर्याप्त रोशनी और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

सामाजिक कार्यकर्ता मौ० सलीम ने कहा कि काठा पीर दरगाह से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। यहां आने वाले जायरीनों को जरूरी सुविधाएं देना प्रशासन और प्रबंध तंत्र की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि इन समस्याओं पर जल्द ध्यान देकर काम शुरू नहीं कराया गया तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द स्थलीय निरीक्षण कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

Related Articles

Back to top button