हरिद्वार

मरीजों की सेहत से खिलवाड़, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार, दवा विक्रेताओं की मनमानी, पड़ती परिवार पर भारी

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र में दवाइयों की दुकानों पर मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के तरीके बदल चुके हैं। जिन्होंने खूब चर्चा का बाजार गर्म कर रखा है। पहले मरीज को ठीक करने की सलाह देते हैं और फिर अपनी दवाइयों से उसे पूरी तरह खोल देते हैं। चर्चा है कि‌ कुछ मेडिकल स्टोर संचालक मरीजों की बीमारी और स्वास्थ्य स्थिति को समझे बिना ही स्वयं दवाइयां सुझाकर बेच रहे हैं। मरीज की परेशानी को समझने और चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता पर ध्यान देने के बजाय दवा बिक्री को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चाएं सामने आ रही हैं। चर्चा है कि आखिर मेडिकल स्टोर संचालकों को किस आधार पर मरीजों को दवाइयां देने की छूट मिल रही है। क्या संबंधित दुकानों पर योग्य फार्मासिस्ट मौजूद हैं। क्या दवाइयों की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार दी जा रही है यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो विभागीय अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। चर्चा है कि मरीज अपनी बीमारी से परेशान होकर मेडिकल स्टोर पहुंचते हैं और कई बार दुकानदार की सलाह पर दवा ले लेते हैं। लेकिन गलत दवा या बिना उचित चिकित्सकीय सलाह के दवा का सेवन मरीज के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में औषधि नियंत्रण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि ज्वालापुर क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण करें। दुकानों पर योग्य फार्मासिस्ट की उपलब्धता, दवाइयों की बिक्री और नियमों के पालन की जांच होनी चाहिए।संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि दवाइयों के नाम पर मरीजों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके। क्योंकि ज्वालापुर में चुपके चपके पर मेडिकल दुकानें उपलब्ध हो चुकी है। गंभीर बीमारी में भी मरीज को स्वयं दवा देकर मरीज के साथ खिलवाड़ करने में लगे हैं। विभागीय अधिकारियों को जागने की जरूरत है। ना की किसी व्यक्ति की शिकायत पर जागने की।

Related Articles

Back to top button